एटा। एक सितंबर से मैनुअल टेंडरिंग बीते जमाने की बात हो जाएगी। ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू होने से ठेकेदार घर बैठे न सिर्फ टेंडर डाल सकेंगे, बल्कि कागजात से लेकर टेंडर खुलने, रिजेक्ट होने, मिलने सबंधी सभी जानकारियां घर बैठे कंप्यूटर पर ही देख सकेंगे। ठेका मिलने पर भुगतान भी आनलाइन मिलेगा।
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि शासन से जारी वेबसाइट पर विभागीय अफसरों के डिजिटल हस्ताक्षर से टेंडर प्रकाशित होंगे। इन्हें देखने के लिए ठेकेदारों को अपने डिजिटल हस्ताक्षरों से अपना पंजीकरण वेबसाइट पर कराना होगा। पंजीकरण कराते ही एक यूनीक नंबर और पासवर्ड स्वत: जनरेट हो जाएगा। इसी यूनीक नंबर पासवर्ड की सहायता से ठेकेदार मुख्य साइट पर पहुंच कर टेंडर के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के साथ ठेकेदार अपनी टेक्निकल, फाइनेंशियल बिड समेत अन्य आवश्यक कागजात आनलाइन अपलोड कर सकेंगे। टेंडर खुलने पर ठेकेदार के पास एसएमएस से जानकारी आएगी। इसके बाद टेंडर खुलने और निरस्त होने की जानकारी भी आवेदक ठेकेदार के पास एसएमएस से आएगी।
विकास से जुड़े अफसरों की होगी ट्रेनिंग
एक सितंबर से पहले सभी विकास से जुड़े अफसरों को कोषाधिकारी की अगुवाई में ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग में फर्मों के ठेकेदार भी शिरकत करेंगे। अफसरों की माने तो टेंडर तभी खुलेगा जब विभागीय अधिकारी अपने डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग करेंगे।
ई-टेंडरिंग की पूरी प्रक्रिया फुल प्रूफ है। कोई भी व्यक्ति अन्य ठेकेदार के रेट से लेकर किसी प्रकार की जानकारी टेंडर खुलने से पहले हासिल नहीं कर सकता। इसके चलते ई-टेंडरिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी या मनमानी की कोई गुंजाइश नहीं है।
संजय कुमार, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी,