फिरोजाबाद। करोड़ो की ठगी करने वाले आरोपी गौरव शंकर की गिरफ्तारी न करने पर एसएसपी अजय कुमार ने चौकी प्रभारी सुहागनगर और तीन पुलिसकर्मियों को एसपी सिटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद निलंबित कर दिया है। चौकी प्रभारी और पुलिसकर्मी गौरव शंकर से एजेंटों के बीच समझौता कराने का प्रयास कर रहे थे। इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी थी।
फर्जी कंपनी के माध्यम से 1.75 करोड की ठगी करने वाले आरोपी गौरव शंकर के खिलाफ जहां 20 अप्रैल 2017 को कोतवाली दक्षिण में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने के साथ ही जांच चौकी प्रभारी सुहागनगर पंकज मिश्रा को सौंपी गई थी। वहीं उनके ही द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी न करते हुए आरोपी और एजेंटों के साथ होटल गर्ग में बैठकर गोपनीय तरीके से पंचायत कराई जा रही थी। मामला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार तक पहुंचा, तो उन्होंने इसकी जांच एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह को सौंप दी।
चार दिन चली जांच रिपोर्ट में एसपी सिटी ने पूरे मामले में चौकी प्रभारी सुहागनगर पंकज मिश्रा और सिपाही जितेद्र , महेंद्र और दीपांशू को दोषी पाते हुुए एसएसपी इन लोगों के खिलाफ जांच रिपोर्ट भेज दी। एसपी सिटी की जांच रिपोर्ट में एसएसपी ने दरोगा पंकज मिश्रा सहित तीनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि पुलिसकर्मी होटल गर्ग में सुबह से ही आरोपी गौरव शंकर के साथ बैठकर समझौता कराने का प्रयास कर रहे थे। जबकि आरोपी वांछित था, इसलिए उसको गिरफ्तार कर थाने लाना था। लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया। इसलिए पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।