आगरा। ताजमहल के दीदार के लिए एएसआई ने जो विजिट प्लान बनाया है, वह सैलानियों को भारी उमस में बेहद थका रहा है, वहीं अशक्त और बुजुर्ग सैलानियों को करीब 8 गुना ज्यादा पैदल चलना पड़ रहा है।
शनिवार और रविवार को भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चमेली फर्श और मुख्य गुंबद पर बेरिकेडिंग लगाकर प्रवेश दिया जाता है, लेकिन सप्ताह के अन्य दिनों में भीड़ न होने पर भी सैलानियों को इस प्लान के जरिए सजा दी जा रही है।
ताजमहल में रेड सैंड स्टोन प्लेटफार्म से वाटर चैनल के पाथवे के जरिए सीधे मुख्य गुंबद की सीढ़ियों पर प्रवेश मिलता था, लेकिन एएसआई के विजिट प्लान में सैलानियों को पहले महमान खाने तक जाना पड़ता है, फिर वहां से यमुना किनारे होते हुए पूरे गुंबद का चक्कर लगाकर फिर सीढ़ियों तक लाया जाता है। यह दूरी सैलानियों को बुरी तरह से थका देती है।
भारी उमस के बीच एएसआई ने मुख्य गुंबद पर भी बेरिकेडिंग करके एक चक्कर और लगवाने की व्यवस्था की है, इससे सैलानियों में आक्रोश है। दरअसल, गर्मी और उमस में भीड़ कम है। सैलानियों की शिकायत है कि वाटर चैनल से एक ओर विदेशी और दूसरी ओर से भारतीय सैलानियों को प्रवेश दिया जाए।
यमुना किनारे से घुमाकर लाने से समय और थकान बचेगी। ताज देखने के बाद थकान से चूर सैलानी यमुना किनारे की ओर फर्श पर ही लेटक र आराम करते दिखते हैं। इससे ताज पर एक ही समय में सैलानियों की भीड़ इकटठी हो रही है तो वहीं, अन्य पर्यटकों के आवागमन में भी दिक्कतें आ रही हैं।
ताज स्मारक समिति सदस्य मुनव्वर अली के मुताबिक एएसआई को चमेली फर्श और गुंबद पर बिना चक्कर लगवाए ही प्रवेश देना चाहिए। उमस और गर्मी से पर्यटक बेहाल हैं।