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खेत में शव जलाने से रोका, तीन घंटे तक झड़प

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शव को जलाते लोग - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मैनपुरी। कोतवाली क्षेत्र के आजाद नगर स्थित खेत में विधायक पक्ष के लोगों ने एक व्यक्ति का शव जलाने से रोक दिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। विधायक पक्ष का कहना था कि मृतक पहले ही उक्त भूमि उन्हें बेंच चुका था। तहसीलदार ने कहा कि पैमाइश की जा रही है। इसके बाद तय हो जाएगा की भूमि किसकी है। करीब तीन घंटा बाद पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार हुआ।
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गोला बाजार निवासी भारत सिंह यादव ने करीब पांच वर्ष पहले सदर विधायक के परिवारीजनों को करीब 42 बीघा खेत का बैनामा टुकड़ों में किया था। इसके बाद विधायक की ओर से उक्त भूमि पर अपना कब्जा दखल ले लिया था। गुरुवार को बीमारी के चलते भारत सिंह की मौत हो गई तो परिवारीजन उन्हें पैतृक भूमि पर अंतिम संस्कार के लिए ले गए। जानकारी होने के बाद विधायक पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए। जमीन को अपना बताते हुए शव को वहां जलाने से मना कर दिया।
विधायक पक्ष के लोगों का कहना था कि जमीन वह खरीद चुके हैं तो उनकी जमीन में शव नहीं जलाया जाएगा। वहीं दूसरे पक्ष का कहना था कि जिस जगह में वह शव को जला रहे हैं। उतना हिस्से का बैनामा नहीं किया गया है। उक्त विवाद करीब तीन घंटे तक चलता रहा। इस बीच कोतवाली पुलिस व तहसीलदार मनोज कुमार राय भी पहुंच गए।
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आनन-फानन में जमीन के नाम जोख की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इसके बाद विधायक पक्ष के लोगों से बात कर शव का अंतिम संस्कार किया गया। तहसीलदार का कहना था कि दोनों पक्ष की ओर से बैनामा आदि मंगाए गए हैं उन्हें देखने के बाद ही जमीन का चिन्हांकन किया जाएगा। इसके बाद तय होगा कि जमीन किसकी है। फिलहाल शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया है।

जमीन है कई नेताओं के नाम
मैनपुरी। गुरुवार को शव जलाने को लेकर जिस भूमि पर विवाद हुआ था। उस भूमि के क्रेताओं में कई नेताओं के नाम सामने आए हैं। सपा मुखिया के एक भाई भी उस भूमि के क्रेता रहे हैं। वहीं सदर विधायक व अन्य कई नेताओं के नाम भी आ रहे हैं। तहसीलदार मनोज कुमार का कहना है कि कुल 42 लोग क्रेता की सूची में शामिल हैं। सभी कागजातों को देखने व पैमाइश के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

क्या बोले विधायक
सदर विधायक राजकुमार यादव का कहना है कि उक्त जमीन उन्होंने 10 साल पहले खरीदी थी। इसके बाद भी ग्रामीणों ने वहां पर शव का अंतिम संस्कार करने की कोशिश की, जब उन्हें सूचना मिली तब तक वह लोग दाह संस्कार की तैयारी कर चुके थे।

इसकी सूचना अधिकारियों को दी गई। अधिकारियों ने पैमाइश करके पता लगाया कि यह जमीन श्मशान की नहीं है। इसके बाद भी मानवता के नाते शव का अंतिम संस्कार होने दिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से लिखवाकर ले लिया है कि भविष्य में यहां अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
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