शिक्षिका नीलिमा की गोद में बेटी, पिता जगदीश प्रसाद शर्मा (फाइल फोटो)
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कोरोना संक्रमण ने न जाने कितने परिवारों को तोड़ दिया। कोई मां-बाप के खोने के दर्द से परेशान है तो कोई बेटे के लिए। उन्हीं लोगों में शामिल हैं कासगंज के सिढ़पुरा की शिक्षिका नीलमा, जिन्हें पंचायत चुनाव का चुनाव प्रशिक्षण लेने के बाद चौथे दिन बुखार आने की शिकायत हुई। नीलिमा को बुखार तेज था। परिवार के लोग भी कुछ समझ नहीं पा रहे थे, लेकिन बाद में संक्रमण काफी बढ़ गया और शिक्षिका की जान ले ली।
शिक्षिका की मौत के चार दिन बाद भी उनके पिता की मौत भी हो गई। उनकी इकलौती 11 वर्षीय बेटी स्वेच्छा बार बार परिवार के लोगों से एक ही सवाल करती है कि मां कब आएंगी और नाना कब लौटेंगे।
उच्च प्राथमिक विद्यालय सिढ़पुरा पर तैनात शिक्षिका नीलमा की चुनाव ड्यूटी लगी थी। 10 अप्रैल को वह प्रशिक्षण में गई और प्रशिक्षण से लौटने के बाद चौथे दिन उन्हें बुखार आ गया। धीरे-धीरे उनकी तबीयत बिगड़ती गई। उसके बाद उन्होंने उपचार शुरू कराया, लेकिन कुछ सुधार हुआ।