फिरोजाबाद। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का आयोजन रविवार को सख्ती के साथ किया गया। पहली पाली में दूसरे की जगह परीक्षा देने आए दो मुन्नाभाई पकड़े गए। उन्हें पुलिस के सुपुर्द कर एफआईआर दर्ज कराई गई। वहीं एक अन्य परीक्षा केंद्र पर एक परीक्षार्थी ओएमआर सीट लेकर भाग गया। कई परीक्षार्थियों को शासन के सख्त नियमों के कारण परेशानी झेलनी पड़ी। डीएम सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का दौरा किया।
पहली पाली में 28 केंद्रों पर प्राइमरी स्तर की परीक्षा हुई। इसमें पंजीकृत 15160 परीक्षार्थियों में से 14487 परीक्षार्थी उपस्थित हुए। 673 परीक्षा में शामिल अनुपस्थित रहे। इस्लामियां इंटर कॉलेज में कक्ष निरीक्षकों ने दो मुन्नाभाई पकड़े। शिकोहाबाद स्टेशन रोड निवासी अतुल पुत्र पंचम सिंह के स्थान पर संजीत पुत्र ज्ञानानंद जाटव निवासी स्टेशन रोड शिकोहाबाद परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। संजीत ने अतुल के नाम का फर्जी वोटर आईडी कार्ड बना रखा था।
जिसमें अतुल का नाम, पता था। लेकिन संजीत का फोटो लगा था। संदेह होने पर कक्ष निरीक्षकों ने जांच की तो पहचान पत्र फर्जी निकला। इसी परीक्षा केंद्र पर मनोज कुमार पुत्र शांतिस्वरूप निवासी मुस्तफाबाद के स्थान पर मनोज पुत्र बेताल सिंह निवासी सोफीपुर परीक्षा देने आया था। मनोज के द्वारा पहचान पत्र के रूप में दिखाया गया पेन कार्ड फर्जी निकला। प्रधानाचार्य आवाद हुसैन ने पकड़े गए दोनों मुन्ना भाइयों के विरुद्ध थाना उत्तर में एफआईआर दर्ज कराई है।
दोनों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक रितु गोयल ने बताया कि रसूलपुर स्थित ज्ञान सरोबर इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक परीक्षार्थी ओएमआर सीट लेकर भाग गया। परीक्षार्थी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। शासन से तैनात की गई पर्यवेक्षक अर्चना गुप्ता ने परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। डीएम नेहा शर्मा ने भी पंडित मुरारीलाल कॉलेज, पीडी जैन कॉलेज सहित कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। डीआईओएस रितु गोयल एवं सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र पाल सिंह ने भी कई परीक्षा केंद्रों पर जाकर परीक्षा की व्यवस्थाएं देखी।
मूल अंकतालिका या प्राचार्य से फोटो कापी का सत्यापन कराने का नियम कइयों पर भारी पड़ गया। परीक्षार्थी अंकतालिका सत्यापन या मूल नहीं लाने के कारण परीक्षा नहीं दे सके। कई परीक्षार्थियों ने तो तुरंत ही अपने घर को फोन करके मंगा ली गई। जो अभ्यर्थी दूर के थे, उनकी अंकतालिका समय से नहीं आने पर वह परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। उन्हें निराश होकर वापस जाना पड़ा। कई महिलाएं एवं युवतियां परीक्षा में शामिल न हो पाने के दुख में रोने लगी।
एमजी गर्ल्स इंटर कालेज पर परीक्षा देने के लिए आई महिला अभ्यर्थी न तो मूल अंकतालिका लाई थी और न ही सत्यापन कराकर। महिला के पास यूनिवर्सिटी का एक पत्र था, जिस पर लिखा था कि उनकी अंकतालिका का सत्यापन कराना संभव नहीं है। महिला को परीक्षा केंद्र के अंदर जाने से रोका तो महिला ने हंगामा कर दिया। महिला जोर-जोर से चिल्लाने लगी। महिला पुलिस ने महिला को बाहर किया।