फिरोजाबाद। सर्दी की दस्तक के साथ कोहरा भी घिरने लगा है। आने वाले दिनों में घना कोहरा भी रहेगा। घने कोहरे के कारण रेल और सड़क मार्गों पर दुर्घटनाओं का ग्राफ भी बढ़ जाता है। परिवहन और रेल विभाग ने अभी से इंतजाम नहीं किए तो कोहरे के कारण होने वाले हादसे इस वर्ष भी नहीं रुकेंगे। रोडवेज की खटारा बसें हादसों का सबब बन सकती हैं।
कोहरे में सिग्नल नहीं दिखने के कारण यात्री व माल वाहक ट्रेनों द्वारा सिग्नल तोड़ने एवं ट्रैक से उतरने की घटनाएं सामने आईं। रेलवे ट्रैक पर फ्रेक्चर की घटनाएं भी हुईं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस, दिल्ली-कानपुर हाईवे पर फर्राटा भरने वाले छोटे-बडे़ वाहन घने कोहरा के कारण हादसों का शिकार होते हैं। यूपी रोडवेज की अधिकांश बसों की बैक लाइटें खराब हैं। हैड लाइट के कवर टूटे हुए हैं। फोग सिस्टम नहीं हैं।
घने कोहरा के कारण बसों व अन्य चार पहिया वाहनों के चालकों को अचानक सामने आने वाले गहरे खड्डे व स्पीड ब्रेकर नहीं दिख पाते। यह भी सड़क हादसों का सबब बनते हैं। ग्रामीणों और रेलवे लाइन के सहारे आबादी वाले इलाकों में रहने वाले लोगों के पालतू मवेशी भी रेल हादसों का एक कारण हैं। आवारा एवं पालतू मवेशी रेलवे ट्रैक पर आ जाने के कारण द्रुतगामी ट्रेने हादसों का शिकार होती हैं। अथवा उनका परिचालन प्रभावित होता है।
यात्री और मालगाड़ियों के चालकों को खास किस्म के डिवाइस उपलब्ध कराए जा रहे हैं। खास किस्म की डिवाइस चालकों को कई किलोमीटर आगे स्थित रेल सिग्नल को प्रदर्शित करने में मददगार साबित होगी। वहीं रेल पथ की भी सतत पेट्रोलिंग के लिए पेट्रोलिंग टीमों को सतर्क किया जा रहा है। कोहरे के कारण देरी से चलने वाली ट्रेनों में अतिरिक्त गार्ड एवं चालकों की व्यवस्था भी की जा रही है।