सौंख (मथुरा)। सौंख क्षेत्र के गांव खुटिया का एक और लाल श्रीनगर के संगधार में एलओसी पर शहीद हो गया। शहीद का पार्थिव शरीर मंगलवार शाम तक आने की संभावना है। पुष्पेंद्र सिंह के शहीद होने की खबर से गांव में मातम छा गया।
गांव खुटिया निवासी तेज सिंह का पुत्र पुष्पेंद्र सिंह श्रीनगर के संगधार में एलओसी पर तैनात था। वह वर्ष 2011 में सेना में भर्ती हुआ था। सोमवार को पाकिस्तानी की ओर से एक बार फिर गोलीबारी हुई। इसमें सीमा पर तैनात जाट रेजीमेंट का जवान पुष्पेंद्र सिंह शहीद हो गया।
इसकी सूचना सेना के माध्यम से घर पहुंची। खबर सुन गांव वासियों के कदम शहीद के घर की ओर चल पड़े। 27 साल के पुष्पेंद्र सिंह का विवाह 17 फरवरी 2016 को ही आगरा के गांव जोनई निवासी सुधा के साथ हुआ था। अभी सात माह पहले ही सुधा ने पुत्र को जन्म दिया है। पुत्र सिद्धार्थ को दुलार करके मई माह में ही पुष्पेंद्र सिंह ड्यूटी पर घर से गया था। संभावना जताई जा रही है कि शहीद का शव मंगलवार को देर रात तक मथुरा पहुंचेगा।
पुष्पेंद्र से परिवार को बहुत थीं उम्मीदें
देश की हिफाजत करते समय प्राणों की बाजी लगाने वाले पुष्पेंद्र सिंह के परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। उनके पिता राज मिस्त्री का काम करते हैं। बड़े भाई बनवारी लाल रिक्शा चला कर किसी प्रकार परिवार के लिए दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करते हैं। पुष्पेंद्र के फौज में जाने के बाद परिवार वालों को हालात सुधरने की उम्मीद जगी थी, लेकिन नयति को कुछ और ही मंजूर था।