मथुरा। नोटबंदी के दौरान आरएस बुलियन द्वारा फर्जी बिलों के आधार पर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई थी। इसकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय, ब्लेकमनी इनफार्मेशन, ईडी, इनकम टैक्स के अधिकारियों से शिकायत की गई थी, जिसमें 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के घपले की जानकारी दी गई थी।
विभागीय जांच पड़ताल में 123 करोड़ रुपये की घपलेबाजी पकड़ी गई थी। इसका खुलासा होने पर वाणिज्यकर विभाग के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर धवल प्रकाश ने आरएस बुलियन पर 18 करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया था।
शिकायतकर्ता मनीष चतुर्वेदी ने इस मामले में उच्चाधिकारियों से संपर्क किया और आरएस बुलियन फर्म के दस्तावेजों को फिर से खंगाले जाने की गुहार लगाई। आयकर विभाग पूरे मामले में लगा रहा और गुरुवार को आरएस बुलियन के आवास और दुकान के साथ साथ प्रशांत सिलवर व अमित अग्रवाल उर्फ बंटीपुरी के आवास पर सर्वे की कार्रवाई शुरू कर दी।
जीएसटी कार्यालय में भी चल रही है जांच
आरएस बुलियन की एक जांच जीएसटी कार्यालय में भी चल रही है। बिक्री के बिलों के सत्यापन के साथ ही नोटबंदी के दौरान अचानक बढ़े टर्नओवर के कारणों को तलाशा जा रहा है।
जुर्माने के खिलाफ की हुई है अपील
आरएस बुलियन पर डिप्टी कमिश्नर एसआईबी ने जांच रिपोर्ट संबधित खंड अधिकारी डिप्टी कमिश्नर खंड चार को सौंपी थी। खंड कार्यालय ने एक मई 2018 को जारी किए आदेश में कुल 1 अरब 23 करोड़ 69 लाख 69 हजार 500 रुपये के टर्नओवर पर 18 करोड़ 55 लाख 45 हजार 425 रुपये का जुर्माना ठोका था। सूत्रों का कहना है कि व्यवसायी ने इसके खिलाफ एडिशनल कमिश्नर के यहां अपील की है।
शिकायतकर्ताओं ने उठाई थी उंगली
नोटबंदी के दौरान करोड़ों रुपये की हेराफेरी के मामले में वाणिज्य कर विभाग की कार्रवाई पर शिकायतकर्ताओं ने उंगली उठाई थी। नोटबंदी के दौरान करोड़ों रुपये का सोना खरीद करके आरएस बुलियन एंड ज्वैलर्स गऊघाट चर्चा में आया था। इस मामले की कई स्तर पर जांच हुईं।