एटा। हर रोज पेट्रोल और डीजल का रेट बढ़ने से आम आदमी के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। बावजूद इसके सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही। सरकार की नीतियों से लोगों में आक्रोश पनप रहा है। गृहणियों से लेकर व्यापारी तक, ट्रांसपोर्टर से लेकर किसान तक हर कोई पेट्रोलियम पदार्थों के भाव बढ़ने से परेशान हैं। मगर सरकार है कि कीमतों पर लगाम लगाने में असफल साबित हो रही है।
शुक्रवार को जीटी रोड स्थित एचपी पेट्रोल पंप पर बाइक में पेट्रोल भरवाने पहुंचे राकेश निवासी निधौली कलां ने बताया कि वह एमआर है। हर रोज 50 रुपये की पेट्रोल डलवाता था। मगर अब कम से कम 70 रुपये से कम की पेट्रोल से उसका काम नहीं चल पा रहा है। ठीक इसी तरह कार चालक मनीष अंगिरा निवासी श्रृंगार नगर ने बताया कि वह पेशे से व्यापारी है। उसका अपने व्यापार के संबंध में जिले के कस्बा में आना जाना लगा रहता है। मगर अब व्यापार में कार का खर्चा निकल पाना बेहद मुश्किल हो रहा है। कीमतों में कमी दर्ज नहीं हुई तो कार चलाना मुश्किल होगा।
वर्जन
-लगातार बढ़ रहे डीजल के रेट के चलते प्रति क्विंटल पर चार रुपये भाड़ा बढ़ा दिया गया है। अगर यही हाल रहा तो जल्द ही भाड़ा में ओर भी वृद्धि की जा सकती है। इसका असर अन्य चीजों पर पढ़ेगा।
देवेंद्र मोहन वार्ष्णेय, ट्रांसपोर्टर
-पेट्रोल और डीजल के रेट बढ़ने से व्यापार करने में काफी असुविधा हो रही है। भाड़ा बढ़ने की वजह से उत्पाद के भी रेट बढ़ाने पड़ रहे हैं। इससे महंगाई बढ़ रही है। सरकार को तत्काल प्रभाव से महंगाई पर रोक लगाने के लिए पेट्रोलियम पदार्थों के दाम में रोक लगानी होगी।
अतुल राठी, अध्यक्ष - व्यापार मंडल
-पहले बाइक उठाकर चल दिया करते थे। मगर अब कहीं जाने से पहले सोचना पड़ता है। लगातार पेट्रोल की कीमत बढ़ने से बाइक चलाना भी मुश्किल हो रहा है।
अरविंद कुमार सिंह, उपभोक्ता
-अभी तक पेट्रोल और डीजल के रेट ही बढ़ रहे थे। मगर अब रसोई गैस पर भी रुपये बढ़ने वाले हैं। ऐसे में रसोई का बजट बनाकर रख पाना बेहद मुश्किल है।
अंशिका वाष्र्णेय, गृहणी
-तीन माह से लगातार पेट्रोल और डीजल पर रुपये बढ़ रहे हैं। पेट्रोल बिक्री में भी गिरावट दर्ज की जा रही है।
विजेंद्र सिंह, पेट्रोल पंप स्वामी
-रसोई का ज्यादातर सामान महंगा हो गया है। अगर ऐसे में रसोई गैस भी महंगी होती है तो खाना बनाने से पहले सोचना पड़ेगा। महंगाई के चलते रसोई का बजट बनाकर रख पाना बेहद मुश्किल हो रहा है।
शालिनी चौहान, गृहणी
-पहले बिजली की दर बढ़ी तो कनेक्शन कटवाकर इंजन खरीदा। मगर अब लगातार डीजल का भाव बढ़ने से खेती करना मुश्किल हो रहा है। डीजल के रेट कुछ दिनों में ही 58 से 68 को पार कर गए है।
रामसनेही, किसान
आंकड़ों पर नजर
90 पेट्रोल पंप है जिले में
3.50 लाख से अधिक दो पहिया वाहनों की संख्या
75 हजार ज्यादा चौपहिया वाहनों की संख्या
80.55 पावर वाली पेट्रोल प्रति लीटर
78.26 सादा वाली पेट्रोल प्रति लीटर
68.76 रुपये डीजल प्रति लीटर