एटा। विद्यालय प्रमुखों की उदासीनता बाल वैज्ञानिकों पर भारी पड़ रही है। निर्देश के बाद भी यह लोग इंस्पायर अवार्ड योजना में छात्र-छात्राओं के पंजीकरण नहीं करा रहे। जिले में संचालित एक हजार से अधिक जूनियर व माध्यमिक विद्यालयों मे से मात्र 13 स्कूलों ने ही पंजीकरण कराया है।
उदासीनता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिले में संचालित एक हजार से अधिक माध्यमिक एवं परिषदीय विद्यालयों में से मात्र 13 संस्थाओं ने ही विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। बताते चले कि इस योजना में केंद्रीय बोर्ड, यूपी बोर्ड सहित परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों से भी आवेदन मांगे गए हैं। जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित 554 एवं 561 परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों के अलावा केंद्रीय बोर्ड के दो दर्जन से अधिक विद्यालय संचालित हैं।
क्या है इंस्पायर अवार्ड योजना?
गणित एवं विज्ञान विषय में छात्र-छात्राओं की रुचि बढ़ाने के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संचालित है। इसमें पंजीकृत कक्षा छह से दस तक की कक्षा के छात्र-छात्राओं को दस हजार रुपए की राशि जिला विज्ञान प्रदर्शनी प्रतिभाग के लिए प्रोजेक्ट के लिए मिलती है। वहीं राज्य चयनित बच्चों को साठ हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलती है।
जनपदीय संस्थाएं इंस्पायर अवार्ड योजना में दिलचस्पी नहीं दिखा रहीं। राजकीय एवं एडिड स्कूल भी उदासीन हैं। अभी तक मात्र 13 संस्थाओं ने ही पंजीकरण कराया है। गत वर्ष जिले के 46 एवं पूर्व वर्ष में 62 छात्र-छात्राओं का चयन हुआ था। जिन्हें निर्धारित प्रोत्साहन राशि मिली थी।
एपी दुबे, जिला समन्वयक, इंस्पायर अवार्ड योजना