मथुरा। विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष रहीं यशु रुस्तगी के स्थानांतरण के चंद दिन बाद भी शहर में अवैध निर्माण के आरोप में सील की गईं इमारतों पर पुन: काम होने लगा है। अधिकारियों की साठगांठ के चलते इन इमारतों से सील हटा दी गई हैं।
विकास प्राधिकरण में किसी भी इमारत के निर्माण से पूर्व नक्शा तैयार करवाना टेढ़ी खीर है। इसके चलते प्राधिकरण के अधिकारी और इंजीनियरों द्वारा बिना नक्शा के ही इमारत तैयार करवाने के नाम पर लाखों का खेल किया जाता है।
तत्कालीन विप्रा उपाध्यक्ष यशु रुस्तगी ने इस पर लगाम कसी थी। उनके द्वारा न केवल अपने कार्यकाल मेें 60 से अधिक इमारतों को सील करवाया गया था बल्कि कई इंजीनियर और बाबुओं के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी।
उनके स्थानांतरण के बाद शहर की कई ऐसी इमारतों पर काम होना शुरू हो गया है जिन पर पहले सील लगी थी। वर्तमान में शहर के कई क्षेत्र धौली प्याऊ, कृष्णा नगर, मसानी, गणेशरा, जमुनापार, टाउनशिप क्षेत्र में अवैध निर्माण किए जा रहे हैं।