मैनपुरी। गर्मी बढ़ते ही जिले में संक्रामक बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। डायरिया, बुखार, उल्टी होना आदि के मरीजों की अचानक संख्या बढ़ चली है। सात दिनों में जिला अस्पताल में दो हजार से अधिक मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया है, जबकि 100 से अधिक मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में मंगलवार को बुखार से पीड़ित एक मरीज की मौत हो गई।
मंगलवार को जिला अस्पताल में नगर के ज्योंति रोड निवासी शांता, एलाऊ के ओंग निवासी 65 वर्षीय बालकराम, लालपुर निवासी 26 वर्षीय पूनम, छपट्टी निवासी नगीना, बुर्रा निवासी जयश्री, औरंध निवासी गुड्डू आदि को डायरिया से पीड़ित होने पर भर्ती कराया गया। बिछवां के गांव नेकपुर निवासी सौरभ और कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव ब्योंतीखुर्द निवासी 95 वर्षीय मेहरबान सिंह को बुखार से पीड़ित होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यहां उपचार के दौरान मेहरबान सिंह की मौत हो गई। मंगलवार को जिला अस्पताल में 250 से अधिक संक्रामक मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. जेजे राम बताते हैं कि मेहरबान सिंह को चिंताजनक हालत में भर्ती कराया गया था। उन्हें बुखार के साथ ही कुछ अन्य दिक्कतें भी थीं। इसके चलते उन्हें नहीं बचाया जा सका।
जिला अस्पताल में रोज दवा का संकट गहराता जा रहा है। इसको लेकर अस्पताल प्रशासन भी चिंतित है। दो महीने पहले अस्पताल प्रशासन ने दवा आपूर्ति के लिए डिमांड भेजी थी, जो अभी तक पूरी नहीं हुई है। मौजूदा समय में जिला अस्पताल में करीब चालीस दिन का ही स्टॉक है। दवा की कमी को देखते हुए वितरण में कटौती की गई है। मौजूदा समय में मरीज को तीन से पांच दिन की ही दवा दी जा रही है। सीएमएस डॉ. आरके सागर बताते हैं कि फिलहाल दवाइयों की कोई कमी नहीं है। मांग पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि शीघ्र दवाइयां मिल जाएंगी। फिलहाल दो महीने तक का स्टॉक है।