एटा। नगर पालिका एटा में गुटबंदी के चलते शहर का विकास अटक गया है। पालिका की बोर्ड बैठक में शनिवार को एक बार फिर से विकास कार्यों को लेकर चर्चा नहीं हो पाई। 16 सभासदों के विरोध के चलते कोरम पूरा कर बैठक को निपटा दिया गया। वहीं बैठक महज नियमों कानूनों को समझने और समझाने में खत्म हो गई। विकास कार्यों को लेकर तैयार किया गया तीन करोड़ रुपये से अधिक के 104 प्रस्तावों का एजेंडा धरा का धरा रह गया। वहीं 16 सभासदों ने बैठक के एजेंडे में पुराने प्रस्तावों का विरोध करने को लेकर विरोध जताया। साथ ही डीएम से मुलाकात कर बैठक को रद्द कराने की मांग की।
दरअसल, पालिका में शनिवार को शहर के विकास को लेकर बोर्ड की बैठक बुलाई गई थी। बैठक के समय दोपहर 12 बजे तक कोई भी पालिकाध्यक्ष और सभासद पालिका कार्यालय नहीं पहुंचे। करीब एक बजे पालिकाध्यक्ष मीरा गांधी के साथ कुल नौ सभासद बैठक में भाग लेने के लिए आए। मीटिंग हॉल में बैठक की शुरुआत कराई गई, लेकिन वित्तीय अधिकारों के लिए आधे सदस्य नहीं होने से बैठक में विकास कार्यों को लेकर चर्चा नहीं हो पाई। बैठक में पहुंचे एसडीएम ब्रजेश कुमार सिंह ने बैठक में नहीं शामिल होने वाले सदस्यों के साथ वार्ता कर जल्द दोबारा बैठक कराने की बात कही। साथ ही प्रभारी ईओ और एएसडीएम रामदत्त राम ने बैठक में एक तिहाई बहुमत मानते हुए पास कर दिया। इस दौरान सभासदों ने विकास कार्यों को लेकर चर्चा कराने की बात कही, लेकिन सदस्य पूरे नहीं होने से चर्चा नहीं हो सकी। बोर्ड बैठक में सुनील यादव, विशेष यादव, शैलेंद्र सिंह, सुनील शर्मा, कांति देवी, छोटी देवी, अशोक कुमार, इंद्राज सिंह, विकास यादव मौजूद रहे।
पालिकाध्यक्ष बोलीं, एक बोर्ड बैठक पूरी
पालिकाध्यक्ष मीरा गांधी ने बताया कि बोर्ड बैठक पूरी हो चुकी है। बैठक में एक तिहाई सदस्यों को मत देने का अधिकार होता है। ऐेसे में सभी प्रस्ताव पास माने जाते हैं।
दूसरे पक्ष ने जताया विरोध
बैठक से गैरहाजिर रहे पालिका सभासदों ने प्रेसवार्ता कर बैठक का विरोध किया। सभासदों ने कहा कि एजेंडे में पुराने प्रस्तावों को शामिल कर दिया गया है। साथ ही नए वित्तीय वर्ष से पहले ही पूरे वर्ष के प्रस्तावों को शामिल कर दिया गया है। उन्होंने बैठक को रद्द कराने की मांग की। साथ ही डीएम से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की है।
प्रतिनिधियों को नहीं मिला प्रवेश, हुई वीडियोग्राफी
पालिका की बोर्ड बैठक के दौरान पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि और सभासद प्रतिनिधियों को प्रवेश नहीं दिया। पुलिस ने कड़ी चेकिंग के बाद सभासदों को प्रवेश दिया। प्रतिनिधियों की रोक के बाद पहले तो सभासदों ने विरोध किया, लेकिन बाद में उन्होंने बैठक में शामिल होने की हामी भरी। इस दौरान पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कराई गई।
गेट पर जड़ा ताला
बैठक के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर प्रवेश के लिए ईओ ने मुख्यद्वार पर ताला डलवा दिया। पालिकाध्यक्ष और सभासदों ने इसका विरोध किया, तो उनको मुुख्यद्वार से प्रवेश दिया गया। इस दौरान पालिकाध्यक्ष और सभासद काफी देर गेट के बाहर खड़े रहे।
कहते हैं आंकड़े
03 करोड़ के प्रस्तावों पर होनी थी चर्चा।
104 विकास कार्यों के प्रस्ताव थे शामिल।
25 वार्डों के लिए गए थे विकास प्रस्ताव।
09 सभासद ही हुए बैठक में शामिल।