एटा। पीसीएफ (कोआपरेटिव फेडरेशन) ने जिले में विपणन विभाग की नैया डुबो दी। वर्ष 2017-18 में विपणन विभाग महज 26.50 फीसदी धान की खरीद कर सका। आलम यह रहा कि विपणन विभाग से ज्यादा व्यापारियों ने धान की खरीद की। वहीं समर्थन मूल्य बढ़ने के बाद भी किसानों को व्यापारियों को कम दर पर फसल बेचनी पड़ी।
जिले में विपणन विभाग को धान खरीद के लिए 6144 एमटी का लक्ष्य मिला था। इसके लिए जिला खाद्य विपणन विभाग ने 11 केंद्र बनाए थे। जिनको बढ़ाकर बाद में 15 कर दिया। धान खरीद समाप्त होने के बाद आंकड़ों पर गौर किया गया, तो पता लगा कि जिले में महज 1615 एमटी धान ही खरीदा जा सका। वहीं जिले में महज 363 किसानों ने धान बिक्री करने में अपनी रुचि दिखाई। वहीं खास बात है कि जिले में पीसीएफ ने सबसे कम 18.39 फीसद धान को खरीदा। जबकि खाद्य विभाग ने अपने पांच केंद्रों पर सबसे ज्यादा 65 फीसदी धान की खरीद की। धान खरीद के आंकड़ों को लेकर साफ है कि जिले में किसान या तो सरकार से कुछ चाहते नहीं हैं या फिर जागरूकता के अभाव में केंद्र तक नहीं पहुंचे हैं। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी प्रज्ञा शर्मा ने बताया कि धान खरीद में 26.5 फीसद लक्ष्य पूरा किया है। पीसीएफ ने सबसे कम खरीद की। खरीद को बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।