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महोत्सव में मुकाबला-ए-कव्वाली का भोर तक चला आयोजन

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बहुत कठिन है डगर पनघट की - फोटो : अमर उजाला
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एटा। राजकीय जिला कृषि एवं औद्योगिक विकास प्रदर्शनी के भव्य पंडाल में अखिल भारतीय मुकाबला-ए-कव्वाली का आयोजन किया गया। कार्यक्त्रस्म में ख्याति प्राप्त स्व0 हबीब पेन्टर बुलबुले हिन्द के सुपौत्र गुलाम हबीब पेन्टर और जयपुर की कव्वाल नसीमा परवीन के बीच मुकाबला-ए-कव्वाली का दौर देर रात तक चला। कब्बाली का उद्घाटन प्रमुख समाजसेवी चेतन्य बाबू यादव ने किया। दीप प्रज्जवलन की प्रक्त्रिस्या में पूर्व विधायक प्रजापालन वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश वशिष्ठ, वजीर सिंह यादव ब्लाक प्रमुख एवं मेधावृत शास्त्री आदि ने किया। कार्यक्त्रस्म संयोजक वरिष्ठ अधिवक्ता अजय कुमार पालीवाल अतिथियों का स्वागत किया।
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मुकाबला ए कव्वाली में गुलाम हबीब ने अपने दादा की अधिकांश कव्वालियां पेश कीं जिनमें प्रमुख रूप से बहुत कठिन है डगर पनघट की, दूसरी कव्वाली घर का भेदी लंका ढाये तथा चला गया कुतवाल खाली करके काया की कोतवाली जाने कौन से गैल निकल गया सब गैल थीं देखी भाली। कव्वाल नसीमा परवीन ने बारी-बारी से कव्वालियां सुनाईं। इनकी प्रमुख कव्वाली दमादम मस्त कलंदर रही। कार्यक्त्रस्म में प्रमुख रूप से उपस्थित अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार, क्षेत्राधिकारी वरुण कुमार, सुनील मिश्रा, राजेश दीक्षित, वीरेन्द्र सिंह गहलौत, प्रमोद लोधी, प्रभाकर उपाध्याय, दलवीर सिंह यादव, दिनेश शर्मा, नीतेश यादव, मनीश रंजन, उमाकान्त तिवारी, अखिलेश वशिष्ठ, अखिलेश दीक्षित, वैभव पचौरी, दीपक पंडित, संदीप दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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