फिरोजाबाद। थाना प्रभारी उत्तर लोकेश भाटी के साथ हाथापाई के मामले में भाजपा नेताओं की पेशबंदी के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई से फिलहाल हाथ खींच लिए हैं। घटना के बाद गुरुवार रात भाजपाइयों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू करने वाली पुलिस का रूख भाजपा नेताओं की सक्रियता के बाद ठंडा पड़ गया। पुलिस ने तीन भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया था, मगर शुक्रवार शाम एक आरोपी कार्यकर्ता लकी गर्ग के घर पर लगाई सील तोड़ने के बाद पुलिस ने अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी करना भी बंद कर दिया।
थाना प्रभारी उत्तर लोकेश भाटी के साथ बृहस्पतिवार शाम हाथापाई वर्दी खींचने की घटना के बाद कई थानों की फोर्स लेकर एसपी सिटी ने आरोपी भाजपा कार्यकर्ताओं लकी गर्ग, उदय ठाकुर और धीरज पाराशर के आवास पर दबिश दी थी। रात में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नानक चंद्र अग्रवाल पार्टी नेताओं के साथ आरोपी भाजपा कार्यकर्ताओं की ढाल बन कर थाना दक्षिण पहुंचे पर एसपी सिटी से लेकर अन्य पुलिस अधिकारियों का सख्त रूख देख कर उन्हें थाने से मायूस होकर लौटना पड़ा। एसपी सिटी राजेश सिंह ने जिस तरह उनसे खरी-खरी बात कही उसके बाद भाजपा नेता भी सत्ता में होने के बावजूद पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने को तैयार हो गए।
पुलिस ने आरोपी लकी गर्ग के घर को सील किया तो भाजपा नेता पुलिस के खिलाफ खुलकर आ गए। भाजपा नेता पूरे मामले में पेशबंदी में जुट गए। नतीजा यह हुआ कि पुलिस-प्रशासन भी सत्ता की हनक में दवाब में आया। शुक्रवार शाम तक पुलिस अधिकारियों का रूख नरम पड़ गया।
प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा नेता डा. अखिलेश शर्मा ने एसएसपी और एसपी सिटी पर जिस अंदाज और कड़े शब्दों में प्रहार किए उससे शनिवार को पुलिस महकमा सकते में रहा। चूंकि मामला सत्ताधारी दल से जुड़ा है और नानक चंद्र अग्रवाल के साथ उनके भाई भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव डा. अनिल जैन का नाम भी जुड़ा है इस कारण पुलिस अधिकारी भी बैकफुट पर आ गए।
भाजपा की एक लाबी अधिकारियों के रूख को लेकर शनिवार को नए अंदाज में सक्रिय हो गई। इस घटना में कार्रवाई को लेकर पुलिस-प्रशासन पर सवाल उठाए गए। भाजपा नेताओं ने कहा कि ऐसी क्या वजह थी कि प्रशासन ने मामले को इतना तूल दे दिया। शुक्रवार को पूरा शहर छावनी बनाकर प्रशासन ने एक तरह से दहशत भरा माहौल बनाने की कोशिश की वहीं नेट सेवा बंद करके और भी सनसनी फैला दी।
दरअसल गुरुवार रात को थाने में जिस तरह से भाजपा नेताओं की किरकिरी हुई उसके बाद प्रशासन ने अपना पक्ष मजबूत करने के लिए शुक्रवार सुबह से ही ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी। हालांकि इससे इतर एसपी सिटी का कहना है कि आरोपियों के घरों पर पुलिस दबिश दे रही है। वे फरार हैं। है। अभद्रता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
थाना प्रभारी लोकेश भाटी प्रकरण में पुलिस की कार्रवाई को लेकर भाजपा नेता शनिवार को नगर विधायक मनीष असीजा से भी मिले। पार्टी प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नानक चंद्र अग्रवाल, डा. अखिलेश शर्मा सहित कई कार्यकर्ता विधायक के आवास पर पहुंचे। पूरे मामले पर चर्चा हुई। नानक चंद्र अग्रवाल ने इस मामले में डीजीपी से भी बात की।
थाना प्रभारी से हाथापाई के बाद फरार तीन भाजपा कार्यकर्ताओं के बारे में चर्चा है कि वे इस मामले में पैरवी कर रहे पार्टी के एक नेता के आवास पर टिके हैं। पुलिस के भी संज्ञान में यह बात है लेकिन पुलिस हाथ डालने से कतरा रही है। घटना वाले दिन गुरुवार रात भाजपा नेता एक आरोपी को लेकर थाने पहुंच गए थे। थाने में पुलिस अधिकारियों के सामने भी यह आरोपी मौजूद रहा।