फिरोजाबाद। भुखमरी, कर्ज अथवा कु पोषण के कारण आत्महत्या करने जैसी घटनाओं की रोकथाम को शासन सख्त है। शासनादेश के अनुसार भुखमरी और कुपोषण के चलते आत्महत्या जैसी घटनाओं पर अंकुश के लिए पंचायत स्तरीय अधिक ारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। जिम्मेदारी के निर्वहन में कोताई की बात सामने आने पर संबंधित प्रधान एवं पंचायत सचिव के विरुद्घ कारवाई की जाएगी।
कर्ज, भुखमरी, कुपोषण और बेरोजगारी के चलते सामने आ रही आत्महत्याओं की घटनाओं को शासन ने गंभीरता से लिया है। ग्र्रामीण क्षेत्रों में होने वाले इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ग्राम प्रधान एवं पंचायत स्तरीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। शासनादेश के अनुसार ग्रामीण इलाके में भुखमरी, कर्ज अथवा कुपोषण की श्रेणी में आने वाले परिवार अथवा व्यक्ति को समय से सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।
प्रधान एवं सचिव अपनी क्षेत्रों में भ्रमण कर ऐसे व्यक्तियों को चिह्नित करें। निदेशक पंचायती राज आकाशदीप द्वारा 18 जनवरी क ो जारी निर्देशों के अनुसार भुखमरी, कर्ज अथवा कुपोषण के चलते आत्महत्या की घटना प्रकाश में आने पर संबंधित प्रधान अथवा पंचायत सचिव के विरुद्घ कठोर कार्रवाई की बात कही गई है।