मथुरा। चुनावी खर्च का रजिस्टर प्रत्याशी चेक ही नहीं करा रहे हैं। अब रिकार्ड न देने वालों को नोटिस जारी किया जाएगा। चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार नगर निगम के पार्षद पद के प्रत्याशियों के खर्चे की सीमा दो लाख और मेयर पद के प्रत्याशियों की खर्च सीमा बीस लाख तय की गई है।
प्रत्याशियों के खर्चे पर लगाम कसने के लिए चुनाव आयोग ने चुनावों के दौरान प्रत्याशियों के खर्चे के संबंध में दो दफा जानकारी देनी थी। इसके लिए पहली नियत तिथि 17 नवंबर और दूसरी जांच करने के तिथि 23 नवंबर तय की गई थी।
पहली तिथि पर जांच करने पहुंचेे चुनाव अधिकारियों को दर्जनों प्रत्याशियों ने चुनाव खर्च का ब्यौरा नहीं दिया है। प्रत्याशियों के द्वारा न तो खर्चे से संबंधित बिल दिखाए गए और न ही कोई और रिकार्ड दिखाया गया। इसके चलते चुनाव अधिकारी प्रत्याशियों के खर्चे का हिसाब नहीं ले सके। उधर आयोग की पकड़ ढीली होते देख प्रत्याशियों ने मन माफिक तरीके से चुनाव पर खर्च करना शुरू कर दिया है।