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1000 लीटर नकली दूध बरामद

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synthetic milk - फोटो : अमर उजाला
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टूंडला।
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आगरा-फिरोजाबाद की खाद्य विभाग की टीमों ने मंगलवार को नगर की मंगलम विहार कॉलोनी में चल रहे नकली दूध के कारोबार पर छापेमारी की। टीम को मौके से एक हजार लीटर सिंथेटिक दूध, केमिकल, दूध बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं। पुलिस ने सिंथेटिक दूध का कारोबार करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
आगरा खाद्य विभाग के सहायक आयुक्त विनीत कुमार के निर्देशन में मंगलवार सुबह पांच बजे आगरा के खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज वर्मा और फिरोजाबाद के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीरेन्द्र कुशवाह, टूंडला के श्रीवंशीधर डिग्री कालेज के सामने स्थित मंगल विहार कॉलोनी पहुंची। टीम ने एक मकान पर छापेमारी की, जहां एक बोलेरो लोडरखड़ी थी। टीम ने जब इस गाड़ी को चेक किया तो उसमें रखी एक हजार लीटर की टंकी में दूध जैसा तरल पदार्थ पाया गया।
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टीम ने डीएम नेहा शर्मा को मामले से अवगत कराते हुए एसडीएम टूंडला सुरेश कुमार व पुलिस को मौके पर बुला लिया। टीम ने टंकी में दूध जैसा पदार्थ भर रहे युवक यादवेन्न्द्र सिंह निवासी मंगलम बिहार कॉलोनी, कैलाश बघेल निवासी नगला गंगाराम थाना पचोखरा को पकड़ लिया। जहां यादवेन्द्र ने स्वयं को दूध का कारोबार करने वाला संचालक व कैलाश ने उसका नौकर बताया। टीम ने मौके से एक हजार लीटर सिंथेटिक दूध और दूध बनाने की सामग्री बरामद की है। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज वर्मा,शंख कुमार, त्रिभुन नारायण्ण, संतोष कुमार, रविभान सिंह, सुनील कुमार, आरके सिंह आदि रहे।

मामले में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीरेन्द्र कुशवाह ने वीरेन्द्र व कैलाश के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। सिंथेटिक दूध बनाने के आरोपी यादवेंन्द्र सिंह का कहना है कि उन्होंने अभी एक हफ्ते पहले ही दूध का कारोबार शुरू किया है। उनके यहां से बरामद दूध सही है, उसमें कोई मिलावट नहीं है। टीम ने नमूने लिए हैं, जांच रिपोर्ट से खुलासा हो जायेगा।

सिंथेटिक दूध बनाने के लिए ये हुआ बरामद
ग्लूकोज पाउडर, लिक्वड ग्लूकोज, एक केन रिफाइंड, सोयाबीन तेल, दो केनों में अलग-अलग तरल पदार्थ, एक प्लास्टिक थैले में सफेद क्रिस्टिलीय पदार्थ, मिलावटी दूध तैयार करने के लिए एक मिक्सर, मोटर के साथ, गैस स्टोव, दो टिन खाली हत्थे लगी, एक लोटा मापक, गैस सिलेंडर, हीटर, तसला, दो भगोना व पंप।
एटा में होती थी मिलावटी दूध की खपत
टूंडला। आरोपियों ने बताया कि वे आगरा के अछनेरा से क्रीम खिंचा हुआ दूध लेकर टूंडला में लाते थे। यहां दूध में सामग्री मिलाकर असली दूध की तरह मिलावट वाला दूध तैयार किया जाता था। इस दूध को एटा-जलेसर में बेचते थे।
सिंथेटिक दूध बनाने की शिकायतें पिछले कई दिनों से मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर स्थान आदि की तस्दीक कराकर छापामार कार्रवाई की गई। मौके से एक हजार लीटर से अधिक दूध, दूध बनाने के लिए प्रयुक्त ग्लूकोज व रिफाइंड व अन्य रसायन व उपकरण बरामद हुए हैं। दो लोगों को पकड़ा गया है।
विनीत कुमार , सहायक आयुक्त खाद्य विभाग, आगरा
गांव-गांव फैला है नेटवर्क
फिरोजाबाद।
जिले में बड़े पैमाने पर मिलावटी दूध का कारोबार हो रहा है। कस्बों और उसके आसपास के इलाकों में यह धंधा खूब फल-फूल रहा है। दूध ज्यादा देर तक चले, इसलिए हाइड्रोजन पराक्साइड डालते हैं। जो दूध के पोषक तत्वों को नष्ट कर देती है। रसायन मिलने से दूध फायदा तो करता ही नहीं बल्कि सेहत को नुकसान पहुंचाता है।

22 जून 2017। खैरगढ़ के गांव कलुपुरा चौराहा से खाद्य विभाग की टीम ने 150 लीटर मिलावटी दूध नष्ट कराया था। इसमें हाइड्रोजन पराक्साइड की मात्रा मिली हुई थी।

एक जून को खाद्य सुरक्षा विभाग ने थाना नसीरपुर क्षेत्र के गांव सहसपुर में 500 लीटर दूध नष्ट कराया था। दूध में बर्फ की मिलावट की गई थी, हाइड्रोजन पराक्साइड भी मिलाया था।

17 मई 2017 को बरामई गांव में धर्मसिंह के मिल्क स्टाक पर 300 लीटर दूध नष्ट कराया गया। यहां भी दूध में हाइड्रोजन पराक्साइड की मिलावट की गई थी।
परिषदीय स्कूलों में बच्चों को पिलाए जा रहे एमडीएम में भी मिलावट देखने को मिली थी। नगर क्षेत्र में एनजीओ द्वारा वितरण किए दूध का नमूना फेल निकला था। मिल्क फेट कम थी। इसके अलावा शिक्षकों ने भी डेयरी पर जाकर दूध का नमूना कराया, उसमें दूध से ज्यादा पानी की मिलावट थी।

मिलवाटी खाद्य तेल से धमनियों में चिकनाई तेजी से जमा होती है। जिससे स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। मिलावटी एवं दूषित खानपान से पेट संबंधी बीमारियों के मरीज काफी बढ़ रहे हैं। ओपीडी में करीब 20 फीसदी मरीज खानपान में गड़बड़ी के कारण आ रहे हैं।
- डा. नीरज गुप्ता, फिजिशियन

वित्तीय वर्ष 2017-18 में 125 नमूने लिए। जिनमें 45 की रिपोर्ट की मिली है , 14 पास हुए हैं, 31 नमूने फेल हुए हैं। जिनमें 29 में मुकदमा दायर कराया। पूर्व महीनों में लिए गए 75 नमूनों की रिपोर्ट में 49 रिपोर्ट फेल हो गए हैं। जिनमें 14 सैंपल दूध के फेल हुए थे।
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दूध में अगर केमिकल मिलाया जाता है या फिर उसे ठंडा करने के लिए बर्फ मिलाते हैं तो उसे टीम नष्ट कराएगी। नमूना भरकर जांच के लिए भेज देती है। दूध में मिलावट होने पर पांच लाख रुपये जुर्माना या फिर जेल का प्रावधान है।
- वीएस कुशवाह, मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी
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