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बाढ़ की दहशत बरकरार, प्रभावित इलाकों की बिजली काटी

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कासगंज।
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गंगानदी का उफान तटवर्ती इलाकों के ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है। तटीय लोगों में बाढ़ की दहशत बरकरार है। नरौरा से पानी का डिस्चार्ज लगातार मीडियम फ्लड के स्तर पर हो रहा है। गुरुवार को भी 1.73 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बना रहा। बाढ़ के प्रभाव को देखते हुए पटियाली के इलाके के दर्जनभर गांव की बिजली काट दी गई हैं, जिससे कोई दुर्घटना न हो जाए। पानी से घिरे गांव के लोग पानी के बीच ही रहने को मजबूर हैं।

गुरुवार को गंगा में नरौरा बैराज से कछला की ओर 1.73 लाख पानी का डिस्चार्ज है। बिजनौर बैराज पर करीब 99162 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बढ़ा हुआ है। हरिद्वारी 73995 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बना हुआ है। कछला ब्रिज पर गेज 15 सेंटीमीटर कम हुआ है। कछला पर जल स्तर 163.70 मीटर के निशान पर है। लेकिन गेज पर जलस्तर कम होने का प्रभाव बाढ़ प्रभावित इलाकों में नहीं है।
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इन गांवों से नहीं निकला पानी
जिन गांवों में पानी घुस गया हैं, वहां से अभी पानी निकल नहीं पा रहा है। लच्छी नगला, पंखिया नगला में बाढ़ की स्थिति बरकरार है। किलौनी, किसौल, अजीत नगर, बमनपुरा, नगला मुमता, नगला हंसी, नगला जयकिशन, राजपुर कुर्रा, सुन्नगढृी, टिकुरी, नगला भगत आदि गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। गंगा के लहरा घाट पर गंगा के बाढ़ का पानी पहुंच गया है, वहीं कछला पर घाट के बाद बाजार में भी पानी की दस्तक बरकरार है। वहीं खेतों में पानी भर जाने से मक्का और बाजरा की फसलें बर्बाद हो रही हैं।
ग्रामीण जन जीवन बाढ़ के प्रभाव से बेहाल है। लोगों का रोजमर्रा का जीवन मुहाल है। सुबह शौच से लेकर सोने तक को ग्रामीण परेशान हैं। जैसे तैसे खाना कोई सड़कों पर बना रहा हैं, कोई ईटों का चूल्हा बनाकर खाना पका रहा है। चारागाह, खेतों व आबादी क्षेत्र में पानी लगातार बना हुआ है। अजीत नगर में काटी गई सड़क से दूसरे क्षेत्रों में पानी लगातार जा रहा है। बाढ़ प्रभावित इलाको में लगातार पानी भरा रहने के कारण संक्रामकों का खतरा भी बढ़ता नजर आ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें किसी भी बाढ़ प्रभावित इलाकें में नहीं पहुंची हैं।

पटियाली क्षेत्र के दर्जनभर बाढ़ प्रभावित इलाकों की बिजली काटी गई हैं। पटियाली के जेई अब्दुल्ला खां ने बताया कि किसी भी तरह की दुर्घटना को देखते हुए बिजली काटी गई है। बाढ़ उतर जाने के बाद विद्युत आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

बाढ़ नियंत्रण कक्ष के सहायक बाढ़ प्रभारी एके सिंह का कहना है कि नरौरा से डिस्चार्ज में 4000 क्यूसेक पानी मे ंकमी आई है। लेकिन हरिद्वार व बिजनौर का डिस्चार्ज बढ़ा हैं। शीघ्र ही पानी के डिस्चार्ज में कमी आएगी और हालात सामान्य होंगे।

पटियाली एसडीएम ने किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा

पटियाली। पटियाली के एसडीएम जेनेंद्र सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में राजस्व टीम के साथ दौरान किया, उन्होंने नगला हंसी, नगला जय किशन, सनौढ़ी, राजेपुर कुर्रा, नरौली, मिहौला, कादरगंज, किलौनी, सुन्नगढ़ी, अजीत नगर, शहवाजपुर सहित कई इलाकों में दौरा किया और प्रभावित ग्रामीणों के साथ बातचीत की और उन्हें मदद का भरोसा दिलया।
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बच्चे पकड़ रहे मछलियां
पटियाली। गंगा की बाढ़ का पानी कई ग्रामों में भरा हुआ है। इस पानी में तमाम जलजीव भी मौजूद हैं। प्रभावित इलाकों में बच्चे व किशोर जाल डालकर मछलियां पकड़ रहे हैं। यह मछलियां ग्रामीणों का भोजन भी बन रही हैं।
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