गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव का क्रम जारी है। सोमवार को गंगा के जलस्तर में 5 सेंटीमीटर की कमी आई,लेकिन यह जलस्तर मंगलवार को बढने की संभावना है,क्यों कि नरौरा बैराज से करीब 12 हजार क्यूसेक पानी का अधिक डिस्चार्ज हुआ है। मेहोल बांध के कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग जुटा हुआ है। गंगा का जलस्तर बढने से पहले कटान रोकने के प्रयासों में सिंचाई विभाग जुटा है। वहीं कादरगंज पर पुल के समीप गंगा का कटान सोमवार को भी जारी रहा।
गंगा के जलस्तर में निरंतर उतार चढ़ाव दर्ज हो रहा है। रविवार को 37 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज कछला ब्रिज की ओर था,जो सोमवार को बढ़कर 49209 क्यूसेक हो गया। रविवार को डिस्चार्ज कम था,जिसके चलते गंगा का जलस्तर 5 सेंटीमीटर कम हुआ। अब डिस्चार्ज फिर बढ़ गया है,जिसके चलते मंगलवार को जलस्तर बढने की संभावना है। कछला,हरिद्वार बैराज पर भी पानी का दवाब बड़ा है,जिसके चलते 4 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बिजनौर बैराज की ओरभ अधिक है। हालांकि इस जलस्तर से बाढ़ साधारण दायरे में ही रहेगी,लेकिन बड़े हुए जलस्तर का प्रवाह बांधों को प्रभावित कर रहा है।
रविवार को मेहोल बांध में 2 मीटर का कटान हुआ। जिससे ग्रामीण आबादी तक पानी की दस्तक पहुंचने की आशंका पैदा हो गई। प्रशासनिक अधिकारी और सिंचाई विभाग ने तुरंत बांध की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया। सोमवार को पूरे दिन बांध की मरम्मत का काम चलता रहा। सायं तक मरम्मत का क्रम जारी था। टीवीसी बैग में बालू भरकर बांध की दरारों को बंध किया जा रहा था। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अंदेशा है कि गंगा पानी बढने पर कटान और बढ़ सकता है। इससे पहले ही सोमवार को कटान काफी हद तक रोक लिया गया। वहीं कादरगंज पुल के समीप गंगा किनारे की जमीन का कटान कर रही है। कटान की स्थिति को देेखकर तटवर्ती इलाके के ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं।
बंाध नियंत्रण कक्ष के सहायक बाढ़ प्रभारी एके सिंह का कहना है कि गंगा के जलस्तर में मामूली वृद्धि और गिरावट का सिलसिला चल रहा है। सिंचाई विभाग गंगा से हो रहे कटान को नियंत्रित करने में जुटा है। किसी भी तरह का खतरा फिलहाल नहीं है। स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है।
नरौरा- 49209 क्यूसेक
बिजनौर- 47241 क्यूसेक
हरिद्वार- 49878 क्यूसेक