फिरोजाबाद। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हाथों लोकार्पण होने के बाद जिला अस्पताल परिसर में बना सौ शैय्या महिला अस्पताल एक साल बाद भी शुरू नहीं हो सका। नगर विधायक मनीष असीजा ने विधानसभा में अस्पताल की अनेदखी का मुद्दा उठाया। इस पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने जल्द शुरुआत का आश्वासन दिया।
विधायक असीजा ने कहा कि नवनिर्मित अस्पताल पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है। इस भवन में फर्नीचर, बेड, सर्जिकल इक्यूपमेंट से लेकर नर्स, वार्डब्वाय चिकित्सक न होने के चलते करोड़ों की धनराशि निष्प्रयोज्य पड़ी है।
जवाब में मंत्री सिद्धार्थनाथ ने कहा कि मानव संसाधन की स्वीकृति मिल गई है। उपकरणों के क्रय एवं रख-रखाव को निविदा के माध्यम से मेसर्स गोदरेज एंड बायस मैन्युफैक्चरिंग कंपनी लिमिटेड के साथ अनुबंध किया था लेकिन चयनित फर्म ने गलत प्रमाण पत्र जमा किए थे।
वैधानिक कार्रवाई करते हुए उस सूची को पांच साल के लिए ब्लैक लिस्टेड कर दिया था। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि महानिदेशक से निविदा की अग्रिम कार्रवाई हो रही है।
19.37 करोड़ की बनी थी भव्य बिल्डिंग
फिरोजाबाद। अखिलेश सरकार ने 19 करोड़ 37 लाख रुपये की कीमत से जिले में सौ शैय्या महिला अस्पताल की बिल्डिंग का निर्माण कराया। छह मई 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसका लोकार्पण किया। लेकिन संसाधनों की कमीं के चलते इसकी शुरुआत नहीं हो सकी है।
प्रभारी मंत्री ने दिए जांच के आदेश
फिरोजाबाद। विधायक मनीष असीजा के साथ प्रभारी मंत्री नीलकंठ तिवारी ने 21 जून सौ शैैय्या महिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। प्रभारी मंत्री में भवन के चारों ओर घूमे तो कई जगह प्लास्टर उखड़ा मिला तो दवाजों की लकड़ी नीचे से गली हुई थी। उन्होंने निर्माण की जांच के आदेश दिए थे।
ट्रामा सेंटर है, मगर इलाज मामूली मर्ज का
फिरोजाबाद। अखिलेश सरकार ने एक करोड़ 75 लाख रुपये की कीमत से सरकारी ट्रामा केंद्र का भवन बनवा दिया लेकिन संसाधन न भेजने के कारण इसका सही से संचालन नहीं हो सका है। घायल मरीजों को आगरा रेफर किया जाता है, जबकि इसे गंभीर मरीजों को तुरंत इलाज करने के लिए बनवाया गया था।