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एयरपोर्ट: एक फ्लाइट वो भी नियमित नहीं

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आगरा। अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की मांग को लेकर शहर में आंदोलन शुरू हो गया है, लेकिन एकमात्र घरेलू उड़ान ही नियमित नहीं हो पा रही। वाराणसी-आगरा-खजुराहो रूट पर सप्ताह में तीन दिन उड़ान चला रही एयर इंडिया कभी भी इसे बंद कर देती है। इसका असर यात्रियों पर पड़ रहा है। बीते महीने में वाराणसी से आगरा आने वालों की संख्या ज्यादा रही है, जबकि आगरा से खजुराहो जाने वालों की तादात लगातार कम हो रही है। इनमें से दो दिन उड़ान न आने से एयर इंडिया को रिफंड भी देना पड़ा। अनिश्चितता के कारण ही आगरा से खजुराहो की उड़ान को यात्री नहीं मिल पा रहे।
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एक साल बाद भी वायुसेवा शुरू नहीं
उत्तर प्रदेश सरकार ने 28 जून 2016 को वायु सेवा नीति में संशोधन किया था। तत्कालीन प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने हर दिन तीन प्रमुख रूट पर वायु सेवा प्रदान करने की नीति को मंजूरी दी थी। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम को नोडल विभाग बनाया गया था। इसके तहत अंडरराइड सीटों की संख्या 30 फीसदी और 6 सीटों को बढ़ाकर 50 प्रतिशत और 9 सीटें की गई थीं। प्रति सीट 15 की जगह 20 रुपये किमी की दर भी तय किया गया था, लेकिन यह सेवा शुरू नहीं हो सकी। अक्तूबर में दिवाली पर पहली वायुसेवा का दावा किया गया था, लेकिन एक साल बाद भी उड़ान शुरू नहीं हो सकी।
इस रूट पर चलानी थी वायु सेवा
- लखनऊ-वाराणसी-आगरा-वाराणसी-लखनऊ
- लखनऊ-इलाहाबाद-गोरखपुर-लखनऊ
- लखनऊ-गोरखपुर-इलाहाबाद-लखनऊ
मुंबई, गोवा, बंगलूरू से जोड़ने की थी मांग
इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहले आगरा के पर्यटन उद्यमियों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय और विमानन कंपनियों से आगरा को मुंबई, गोवा, बंगलूरू, गुवाहाटी और बैंकाक से जोड़ने की मांग उठाई थी। कई विमान कंपनियों ने ताजमहल पर पर्यटकों की संख्या को देखते हुए रुचि भी दिखाई, लेकिन प्रभावी पैरवी के अभाव और एयरपोर्ट पर एयरफोर्स की सुरक्षा संबंधी बंदिशों के कारण फ्लाइट शुरू नहीं हो सकीं।
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संजय प्लेस में चलाया हस्ताक्षर अभियान
आगरा। अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की मांग को लेकर नेशनल चैंबर ने संजय प्लेस स्थित आईसीआईसीआई बैंक के सामने हस्ताक्षर अभियान चलाया। बड़ी संख्या में लोगों ने एयरपोर्ट के समर्थन में हस्ताक्षर किए। चैंबर अध्यक्ष नरिंदर सिंह ने बताया कि चैंबर जनता की भावना को प्रधानमंत्री तक पहुंचाएगा। राजीव अग्रवाल, मुरारी लाल गोयल, सतीश चंद्र गुप्ता, अनिल वर्मा, वीरेंद्र गुप्ता डा. एसके साहनी, दीपक माहेश्वरी, अनिल अग्रवाल, शिशिर भगत, अनिल सारस्वत, वीरेंद्र चौधरी, ललित खन्ना और अशोक गुप्ता मौजूद रहे।
सिविल एन्क्लेव के लिए किया सर्वे
मलपुरा। सिविल एन्क्लेव के लिए गुरुवार का दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने सर्वे किया। किसानों से अधिग्रहीत की गई जमीन में लगे ट्यूबवेल, पोल हटवाने को चिह्नित किए गए। नई लाइन खींचने का खाका तैयार किया गया। नगला शंकरलाल, कल्याणपुर और बल्हैरा मोड़ पर बिजली के पोल, ट्रांसफार्मर और ट्यूबवेल के आंकड़े जुटाए। कल्याणपुर में टोरंट पावर से बिजली की सप्लाई की जाती है। अवर अभियंता युगल किशोर ने बताया कि 19 विद्युत पोल हटाए जाएंगे।
सिविल एन्क्लेव के लिए सबसे उपयोगी जमीन का नहीं हुआ अधिग्रहण
आगरा। सिविल एन्कलेव की जमीन पर एयरपोर्ट अथारिटी कब्जा लेने में कतरा रही है। स्थानीय अधिकारियों के सामने समस्या यह है कि टुकड़ों में अधिग्रहीत की गई जमीन का कब्जा लेने के लिए उन्हें पहले उच्चाधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। दूसरा टुकड़ों की जमीन पर बाउंड्रीवाल बनाना मुश्किल होगा। सूत्रों का कहना है कि सिविल एन्कलेव के लिए 23 में से 14 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण हुआ लेकिन इस योजना के लिए सबसे उपयोगी जमीन का अधिग्रहण होना शेष है। ऐसे में इस 14 हेक्टेयर जमीन से अथारिटी का भला नहीं होने वाला है।
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