हादसे में शामिल ट्रैक्टर बदलने के मामले में दोषी एसओ और मुंशी पर पुलिस विभाग के आला अधिकारी मेहरबान हैं। दोषी पाए गए तत्कालीन एसओ और एचसीपी पर कार्रवाई नहीं हुई। एक पखवाड़ा पूर्व ही जांच रिपोर्ट एसएसपी को भेजी जा चुकी है। शिकायत पर डीजीपी ऑफिस से अब कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है।
जैथरा थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी कैलाश चंद्र दुबे पर सपा सरकार के बाद योगी सरकार के अफसर मेहरबान हैं। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दागी अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश दे चुके हैं। बावजूद अफसरों का दागी प्रेम कम नहीं हो रहा। जैथरा में तैनाती के समय दरोगा कैलाश चंद्र दुबे ने आरोपियों से मिलकर दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर बदल दिया। वादी की शिकायत पर सीओ अलीगंज की जांच में दरोगा दोषी पाया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद डीजीपी के आदेश पर सीओ अलीगंज ने प्रकरण की जांच 15 दिन पहले एसएसपी कार्यालय को सौंप दी। जांच में तत्कालीन एसओ कैलाश चंद्र दुबे और एचसीपी सीपी सिंह दोषी मिले। लोक सेवक होते हुए एसओ और एचसीपी ने आरोपियों से मिलीभगत कर अपराध किया, लेकिन दोषियों पर रिपोर्ट दर्ज कराना तो दूर अफसरों ने निलंबन की कार्रवाई करना जरूरी नहीं समझा। कार्रवाई नहीं होने की शिकायत डीजीपी से दोबारा हुई है। अब डीजीपी ने एसएसपी कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है।
एसएसपी अखिलेश चौरसिया ने कहा कि जांच में दोषी मिलने पर तत्कालीन एसओ जैथरा कैलाश चंद्र दुबे को मिस कंडक्ट नोटिस भेजा जा चुका है। निलंबन या रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रावधान नहीं है।