एटा। तेजाब हमले में पुलिस तफ्तीश का वैज्ञानिक तरीका अपना रही है। मौके पर कोई बोतल या गिलास नहीं मिलने पर पुलिस महिला के कपड़ाें से तेजाब की तीव्रता का पता लगाएगी। इसके लिए कपड़े को एफएसएल प्रयोगशाला आगरा भेजने की तैयारी की जा रही है। ।
थाना सकीट क्षेत्र के नगला टिकुरिया के समीप शुक्रवार देर रात महिला सरलादेवी पर हुए तेजाब हमले के आरोपी पुलिस दूसरे दिन भी पकड़ नहीं सकी है। ज्वलनशील पदार्थ की तीब्रता भी अभी आंकी नहीं जा सकी है। क्योंकि पुलिस को घटनास्थल से बोतल और गिलास आदि नहीं मिला है।
थाना प्रभारी सकीट ने बताया कि महिला पर डाले गए तेजाब की ज्वलनशीलता का पता लगाने के लिए उसके कपड़ाें को लैब भेजा जाएगा। इसके लिए महिला के कपड़े कब्जे में लेकर आगरा एफएसएल लैब भेजने की तैयारी चल रही है।
आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम औरेया भेजी गई, लेकिन कोई आरोपी हाथ नहीं लगा। बता दें कि शुक्रवार देर शाम सरलादेवी निवासी उदयपुर इटावा जेल में निरुद्ध अपने पति उदयवीर और देवर से मुलाकात कर घर लौट रही थी। आरोप है कि तभी नगला टिकुरिया के समीप राकेश और उसके चाचा साहब सिंह निवासी सरलापुर थाना फफूंद औरेया ने एसिड अटैक कर दिया था। मामले की रिपोर्ट पीड़िता के बेटे अर्जुन ने थाना सकीट में दर्ज कराई थी।