फिरोजाबाद। थाना नारखी में दर्ज दस साल पुराने गैर-इरादतन हत्या के मामले में एडीजे एफटीसी-2 विमल वर्मा की कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद और 2 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसमें से 80 प्रतिशत राशि मृतक के परिजन को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी।
नारखी के गांव भीकनपुर सदासुख के जितेंद्र कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 30 मार्च 2016 को गांव के तत्कालीन प्रधान दिनेश प्रताप सिंह और उनके साथी राकेश कुमार, अजीत कुमार, राजबहादुर और विकास ने उनकी जमीन पर भूसा और पशुओं की नांदें रखकर अवैध कब्जा कर लिया था। जब परिवार ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने लाठी-डंडों और ईंटों से हमला कर दिया। इस हमले में राजेंद्र सिंह की सिर पर ईंट से लगी चोट के कारण मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में कुल पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपी राकेश कुमार की मृत्यु हो गई, जिससे उसके खिलाफ मामला बंद कर दिया गया। कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में पूर्व प्रधान दिनेश प्रताप सिंह और अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने साक्ष्यों और गवाही के आधार पर आरोपी अजीत कुमार को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।