लखनऊ। ऐशबाग क्षेत्र में वाणिज्य कर विभाग के चेकिंग दस्ते और व्यापारियों के बीच सुपारी लदे ट्रक को हिरासत मेें लिए जाने के मामले को लेकर जमकर नोकझोंक हुई। चेकिंग दस्ते ने फॉर्म-38 का बेजा इस्तेमाल करने के आरोप में सुपारी लदे ट्रक को ले जाने का दबाव बनाया तो व्यापारियों ने उनको घेर लिया। आखिर व्यापारी नेताओं ने बातचीत के जरिए समस्या को हल निकाला। वहीं चेकिंग दस्ते ने टैक्स चोरी का माल सीज कर दिया है।
शनिवार को दोपहर करीब एक बजे विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा के ज्वाइंट कमिश्नर प्रदीप कुमार ने टीम के साथ में ऐशबाग फ्लाई ओवर के नीचे स्थित भगौती ट्रांसपोर्ट के गोदाम एवं दफ्तर पर छापा मारा। ट्रांसपोर्ट में छानबीन चल रही थी कि इसी बीच टीम के अधिकारियों की नजर थोड़ी ही दूर पर स्थित ईस्ट इंडिया ट्रांसपोर्ट कंपनी के सामने खड़े सुपारी से लदी ट्रक पर पड़ी। अधिकारी इस ट्रक की जांच करने पहुंचे। व्यापारी प्रतिनिधि अमरनाथ मिश्रा के मुताबिक अधिकारी फॉर्म-38 का दोबारा इस्तेमाल कर माल मंगाने का आरोप लगाने लगे। इसके साथ ही ट्रक को मीराबाई मार्ग स्थित जोनल दफ्तर ले जाने का दबाव बनाने लगे। इस बीच सुभाष मार्ग के 50-60 व्यापारियों ने मौके पर पहुंचकर चेकिंग दस्ते को घेर लिया। अमरनाथ मिश्रा ने ज्वाइंट कमिश्नर कुमार को वाणिज्य कर आयुक्त के 16 नवंबर 2010 के आदेश का हवाला देते हुए बताया कि उनको गड़बड़ी की आशंका लग रही है तो प्रपत्रों की फोटोकॉपी ले जाएं और रिपोर्ट असिस्टेंट कमिश्नर कर निर्धारण को भेज देें। इस पर ज्वाइंट कमिश्नर राजी हुए और फॉर्म-38 की फोटोकॉपी लेकर सुपारी लदे ट्रक को छोड़ दिया। इसके बाद व्यापारियों ने घेराव समाप्त किया। ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि व्यापारी ने फॉर्म-38 स्कैन करके उसका दोबारा इस्तेमाल करके सुपारी मंगाकर टैक्स चोरी की है। उन्होंने बताया कि भगौती ट्रांसपोर्ट के गोदाम से बिना प्रपत्र के दिल्ली से मंगाए गए करीब पांच लाख रुपये का परचून का माल सीज कर ट्रांसपोर्टर को नोटिस जारी की गई है।