फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथ लगा करोड़ों की काली कमाई का चिट्ठा

Sun, 30 Jun 2013 05:30 AM IST
Lucknow
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। सचिवालय कोऑपरेटिव बैंक पर शुक्रवार को हुई आयकर विभाग की कार्रवाई से तमाम राजनेताओं एवं अफसरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल आयकर अफसरों के हाथ राजनेताओं एवं सचिवालय अफसरों की मोटी-मोटी रकम के फिक्स डिपॉजिट का चिट्ठा लग गया है। अधिकतर फिक्स डिपॉजिट संयुक्त खाताधारकों के हैं। वही संयुक्त खातों से लाखों रुपए के लेन-देन के भी साक्ष्य मिले हैं। इस संबंध में आयकर टीम ने बैंक के सचिव से जवाब-तलब किया है। गौरतलब है कि डिप्टी कमिश्नर हरीशचंद्र के नेतृत्व में टीम ने शुक्रवार को सचिवालय स्थित सचिवालय कोऑपरेटिव बैंक के सर्वे के दौरान फिक्स डिपॉजिट, लेन-देन आदि के दस्तावेजोें की सघन जांच की थी। इसमें 80 से अधिक ऐसे राजनेताओं एवं अफसरों की पहचान की गई जिनके लाखों रुपए के फिक्स डिपॉजिट हैं। इन लोगों ने बैंक से लाखों रुपए का लेन-देन किया जो शक के दायरे में है। जांच में यह भी पाया गया कि बैंक द्वारा कर्मियों को इस कदर ऋण दिया गया कि बैंक का डिपॉजिट रिजर्व काफी कम हो गया। जांच में दूसरी सबसे बड़ी खामी यह पाई गई कि 20 हजार रुपए से अधिक के कैश भुगतान की कोई सूचना आयकर विभाग को नहीं दी गई। सूत्र बताते हैं कि आयकर विभाग ऐसे राजनेताओं और अफसरों को नोटिस थमाकर आय के स्रोत के बारे में जवाब-तलब कर सकता है।
विज्ञापन

कहां से आए 55 लाख ः आयकर टीम को शुक्रवार को जांच के दौरान एक महिला निजी सचिव के पति के नाम से 55 लाख रुपए के फिक्स डिपॉजिट के बारे में पता चला। जांच के दौरान ही इस निजी सचिव ने अपने पति को बुलाकर फिक्स डिपॉजिट को खत्म करके 11-11 लाख रुपए को दो वाउचर भर कर कैश निकालने का प्रयास किया। लेकिन इसकी भनक अफसरों को हो चुकी थी जिससे तत्काल इस भुगतान पर रोक लगा दी गई। सचिवालय कोऑपरेटिव बैंक में स्थानीय कर्मचारी एवं अधिकारी के खाते हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त सचिवालय कर्मी अपने परिजन के साथ में संयुक्त खाता भी यहां खोल सकता है। अब सवाल है कि निजी सचिव के पति ने 55 लाख रुपए का फिक्स डिपॉजिट कैसे कराया। फिलहाल इस प्रकरण की अलग से जांच हो रही है।
सचिव को नोटिस ः बैंक के अध्यक्ष लल्लू सिंह ने बताया कि आयकर अफसरों की टीम को जांच के दौरान खामियां मिलीं उसकी नोटिस सचिव मसूद अहमद सिद्दीकी को दी गई है। इसका जवाब दो जुलाई को देने को कहा गया है। इस नोटिस का जवाब तैयार कराने के लिए कर सलाहकार से मशविरा चल रहा है। सलाहकार द्वारा नोटिस के एक-एक बिंदु का जवाब तैयार कराया जाएगा।
विज्ञापन

फसेंगे पूर्व अध्यक्ष व सचिव ः सचिवालय कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष लल्लू सिंह ने बताया कि उनके कार्यकाल की शुरुआत नवंबर 12 से हुई है। इस दौरान बैंक के लेन-देन में किसी प्रकार की कोई अनियमितता नहीं बरती गई है। इस बैंक पर लंबे अरसे से सचिवालय के कुछ नेताओं का दबदबा रहा जो अध्यक्ष एवं सचिव के पद पर काबिज रहे हैं। आयकर विभाग की जांच में सबसे पहले पूर्व अध्यक्ष एवं सचिव ही फंसेंगे। उन्होेंने कहा कि सचिवालय का एक बड़ा वर्ग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को सचिवालय कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष पद पर काबिज होना पच नहीं रहा है। ऐसे लोगों की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें