लखनऊ। राजधानी के बत्तीस 33/11 केवी उपकेंद्रों की बिजली तार बंधी पतंग ने उड़ा दी। इससे डेढ़ लाख से अधिक कनेक्शन धारक बिजली संकट की चपेट में आ गए। पारेषण इकाई के इंजीनियरों ने काफी प्रयास के बाद वैकल्पिक स्रोत से आपूर्ति चालू किया, लेकिन उपकेंद्रों को उनकी डिमांड के अनुरूप बिजली नहीं मिल सकी। इससे जहां पहले दो घंटे पूरी तरह संकट बना रहा, वहीं अगले चार घंटे जबर्दस्त कटौती हुई। उधर, परेशान लोगों ने तीन उपकेंद्रों पर दोपहर में हंगामा मचाया।
पारेषण इकाई के एक्सईएन इमादुदीन खान ने बताया कि पूर्वाह्न करीब 11 बजे अचानक धमाके के बाद 220 केवी सरोजनीनगर-हरदोई रोड पारेषण लाइन का सर्किट बंद हो गया। इसके कारण 132 केवी हरदोई रोड एवं 132 केवी नीबू पार्क उपकेंद्रों से निकलने वाले 33 केवी फीडर बंद हो गए। उन्होंने कहा कि पेट्रोलिंग के दौरान आलमनगर रेलवे लाइन के किनारे स्थित ओवरहेड लाइन पर तार बंधी पतंग गिरने के कारण सर्किट का जम्पर कटा पाया गया और इसी के कारण 440 केवी सरोजनीनगर उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। दूसरी तरफ, लेसा के इंजीनियरों ने बताया कि नीबू पार्क से पोषित 33/11 केवी उपकेंद्र्र बालाघाट, गऊघाट, चौपटिया, नादान महल रोड, विक्टोरिया, नीबू पार्क, मेडिकल कॉलेज, रेजीडेंसी, अमीनाबाद, हनुमान सेतु, इक्का स्टैंड डालीगंज, लखनऊ विश्वविद्यालय और हरदोई रोड से पोषित दुबग्गा, डॉ. शकुंतला मिश्रा, फतेहगंज, काकोरी, रहमानखेड़ा, मलिहाबाद, माल उपकेंद्र ठप हो गए। नीबू पार्क से पोषित उपकेंद्रों की दोपहर एक बजे तक बिजली चालू नहीं हुई तो नादान महल रोड, चौपटिया एवं अमीनाबाद उपकेंद्रों पर लोगों ने पहुंचकर हंगामा किया। दोपहर 12:55 बजे चिनहट से हरदोई रोड पारेषण उपकेंद्र चालू हुआ तो बिजली मिलनी शुरू हुई। हालांकि चिनहट की लाइन ओवर लोड होने के कारण 132 केवी एनकेएन उपकेंद्र से पोषित अहिबरनपुर, इंजीनियरिंग कॉलेज, न्यू यूनिवर्सिटी कैम्पस, महानगर, पुरनिया, जीएसआई बीकेटी, बौरूमऊ, इटौंजा उपकेंद्र संकट की चपेट में आ गए। इन उपकेंद्रों से शाम 5:25 बजे तक कटौती का दौर चलता रहा। इसके कारण दुबग्गा से अमीनाबाद एवं चौपटिया से निशातगंज तक लोग बिजली कटौती से परेशान रहे। पारेषण लाइन ठीक होने पर बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकी।
आलमबाग एवं महानगर में संकट
न्यू आलमबाग उपकेंद्र पर सिस्टम दुरुस्त करने के लिए शनिवार सुबह से शाम तक बिजली आपूर्ति ठप रही। इसके कारण लोगों को बिजली के साथ ही पानी संकट से भी जूझना पड़ा। वहीं, महानगर उपकेंद्र के तहत बादशाहनगर फीडर में तकनीकी फॉल्ट आने के कारण दोपहर बाद से बिजली ठप हो गई। जूनियर इंजीनियर अमित चतुर्वेदी ने बताया कि लाइन में फॉल्ट नहीं था। अन्य गड़बड़ी के कारण आपूर्ति में व्यवधान आया, जिसे शाम को सही करके बिजली चालू कर दी गई।