लखनऊ। प्रदेश भर के लैब टेक्नीशियन अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार से कार्य बहिष्कार पर रहेंगे। इसका असर राजधानी के अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले मरीजों पर भी पड़ेगा। मरीजों को तमाम जांचों के लिए भटकना पड़ेगा। 30 मई तक कार्य बहिष्कार चलेगा। मरीजों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। हालांकि इमरजेंसी में जांच कार्य होगा।
लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता सुनील कुमार ने बताया कि पिछले कई दिनों से अपनी मांगों के बारे में शासन व विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया। इसके बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पिछले तीन माह में कई बार कार्य बहिष्कार के बावजूद आंखें मूंदे रहे। इसके बाद विधान सभा पर प्रदर्शन कर मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया गया। सीएम को संबोधित मांग पत्र में भी कार्य बहिष्कार के बारे में लिखा गया था। बावजूद इसके कहीं सुनवाई न होने पर मजबूरी में आंदोलन को तेज करना पड़ रहा है। ऐसे में 24 से शुरू हो रहा कार्य बहिष्कार 30 मई तक रहेगा। इस दौरान प्रदेश के सभी लैब टेक्नीशियन काम नहीं करेंगे। अस्पतालों में ओपीडी की कोई भी जांच नहीं होगी। गंभीर मरीजों को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी की जांचें होंगी।