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अंसल हाउसिंग जमा करे 1.06 करोड़

Thu, 09 May 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। आशियाना कॉलोनी की खजाना मार्केट में बेसमेंट की दुकानों को वैध करने के लिए अंसल हाउसिंग को 10 जून तक 1.06 करोड़ रुपए तीन किस्तों में जमा करने होंगे। इसमें पहली किस्त हर हाल में 10 मई तक जमा करनी पड़ेगी। इस शमन राशि के जमा होने के बाद ही खजाना मार्केट का कंपाउंडिंग मैप पास हो सकेगा। इसके अलावा इसी सप्ताह अंसल हाउसिंग को आशियाना कॉलोनी के सेक्टर जे में विकास कार्य शुरू करवाने होंगे। अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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जिला के प्रभारी मंत्री एसपी यादव ने आशियाना कॉलोनी के शमन मानचित्र के लिए अब तक अंसल हाउसिंग की ओर से शुल्क न जमा किए जाने को लेकर बुधवार को बैठक ली। इसमें एलडीए से अपर सचिव सीमा सिंह, नोडल ऑफिसर (अवैध निर्माण) अनूप शर्मा, अपर नगर आयुक्त विशाल भारद्वाज और निगम के चीफ इंजीनियर तरुण शर्मा भी मौजूद रहे। गत फरवरी में खजाना मार्केट का शमन मानचित्र प्राधिकरण की तकनीकी समिति से पास हो गया था। पिछले करीब 20 साल से खजाना मार्केट के बेसमेंट में बनी दुकानें अवैध के दायरे में हैं। पूर्व में पास मानचित्र के प्रतिकूल कंपनी ने यहां के बेसमेंट में करीब 150 दुकानें बना दी थीं, लेकिन अब तक इन दुकानों की रजिस्ट्री इसी वजह से नहीं हो सकी थी। जंतु उद्यान राज्य मंत्री और जिला के प्रभारी एसपी यादव ने प्राधिकरण अधिकारियों को आदेश दिया था कि इस मामले में तकनीकी सम्मत निर्णय लिया जाए ताकि इन दुकानों की रजिस्ट्री की जा सके।
करीब तीन महीना बीत जाने के बावजूद अंसल की ओर से शमन शुल्क नहीं जमा करवाया गया। इस पर बुधवार को मीटिंग में मंत्री ने आदेश दिए कि कंपनी तीन किस्तों में शमन शुल्क 1.06 करोड़ रुपए जमा करे। इसमें पहली किस्त 10 मई को और बाकी दो किस्तें 10 जून तक जमा की जाएं।
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दरअसल अंसल हाउसिंग ने जब खजाना मार्केट का मानचित्र पास करवाया था, तब बेसमेंट में पार्किंग तथा फर्स्ट और सेेकंड फ्लोर को नोटिफाई किया गया था, मगर कंपनी ने बेसमेंट में पार्किंग की जगह दुकानें बनवा दीं। हालांकि अच्छी बात यह रही कि फर्स्ट फ्लोर आधी कवर की गई और सेकंड फ्लोर पर कोई भी निर्माण नहीं किया गया। इसलिए फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) की बचत के चलते बेसमेंट की दुकानें शमनीय हो गईं।
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