लखनऊ। अमीनाबाद में प्रकाशदीप कांप्लेक्स स्थित ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में सोमवार देर शाम जेनरेटर से आग लग गई। कुछ ही देर में कांप्लेक्स के तीसरे व चौथे तल में स्थित जेनरेटर व स्टोर रूम लपटों से घिर गया। बिना किसी तैयारी के पहुंची दमकल टीम ने साढ़े तीन घंटे बाद आग पर काबू पर काबू पा सकी। आग से बैंक का रिकॉर्ड व जेनरेटर जलकर राख हो गया। निराला नगर निवासी अदिति अग्रवाल का श्रीराम रोड स्थित साइकिल वाली गली में कांप्लेक्स है। इसमें 20 से ज्यादा दुकानों के अलावा ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के दफ्तर हैं। इमारत का तीसरा व चौथा तल ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के पास है। तीसरे तल में बैंक और चौथे तल पर बैंक का स्टोर व जेनरेटर रूम है। शाम करीब साढ़े छह बजे कांप्लेक्स के आसपास वालों की नजर तीसरे तल पर गई। वहां से आग की लपटें निकल रही थीं। उन्होंने कांप्लेक्स के दुकानदारों को इसकी जानकारी दी। ओरिएंटल बैंक के मैनेजर वीके पांडेय को खबर दी गई। इस दौरान आग विकराल हो चुकी थी। वहीं, हुसैनगंज चौराहा व अमीनाबाद के आसपास के इलाकों में जाम से दमकलों को पहुंचने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी।
प्रेशर नहीं झेल पाए दमकल के पंप ः जब दमकलें मौके पर पहुंची तो तीसरे तल तक पानी पहुंचाने के लिए पंप पर खासा प्रेशर डालना पड़ा। इससे पंप चार-पांच बार फट गया। बावजूद पानी आग वाली जगह तक नहीं पहुंचा। दमकलकर्मियों ने आसपास की इमारतों की छतों से भी आग बुझाने के प्रयास किए लेकिन, खास सफलता नहीं मिली।
अधूरी तैयारी, आग बुझाने के प्रयासों पर पड़ी भारी ः अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और दमकलकर्मियों की तैयारी ठीक नहीं थी। ऊंची इमारत होेने के बावजूद हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म को पहले नहीं लाया गया। आग लगने के पौन घंटे बाद प्लेटफॉर्म मौके पर आया। इसके बाद करीब बीस मिनट उसे सेट करने में लग गए। तब जाकर आग बुझाना शुरू किया गया। हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म के आने के बाद आग काबू में आना शुरू हुई।
इमरजेंसी निकासी पर लगा था ताला ः कांप्लेक्स के दुकानदार जीशान ने बताया कि इमारत में आग से बचने के कोई इंतजाम नहीं थे। इमारत से बाहर निकलने के लिए बनाए गए आपातकालीन द्वार पर ताला लगा था। कांप्लेक्स में आग लगी ज्यादातर दुकानें खुली थीं। अगर कहीं देर से आग लगी होती और लोगों को बाद में पता चलता तो इमारत के साथ साथ आसपास की मार्केट भी आग की चपेट में आ जाती।