लखनऊ। जीवन रक्षक वैक्सीन व इंसुलिन बेचने के तय मानकों की अनदेखी करने वाले दवा दुकानदारों पर एफएसडीए प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। इसके तहत दो दवा दुकानों के ड्रग लाइसेंस को एक तय समय के लिए निलंबित किया गया है, जबकि इनमें से एक दवा दुकान पर किसी तरह की वैक्सीन बेचने पर भी आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा गड़बड़ी के आरोप में फंसे आधा दर्जन मेडिकल स्टोर की ओर से भेजे गए नोटिस के जवाब का अध्ययन ड्रग कंट्रोलर के स्तर से किया जा रहा है। दवा बेचने के मानकों की अनदेखी साबित होने पर इनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। बीते दिनों जिला औषधि निरीक्षक संजय ने मानकों की अनदेखी कर जीवन रक्षक वैक्सीन व इंसुलिन बेचने वाली नौ दवा दुकानों के खिलाफ जांच-पड़ताल कर कार्रवाई की संस्तुति रिपोर्ट ड्रग कंट्रोलर को भेजी थी। इसके आधार पर ड्रग कंट्रोलर एके मल्होत्रा की तरफ से दवा बेचने में खामियां बरतने वाले दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया था। जिला औषधि निरीक्षक संजय ने बताया कि सोमवार को इनमें से दो दवा दुकानों के संचालकों के खिलाफ कार्रवाई तय हुई। उन्होंने साफ किया कि दवा दुकानों पर मानक के इतर बेची जा रही जीवन रक्षक वैक्सीन व इंसुलिन की रोकथाम को संचालित अभियान पूरी सघनता के साथ चलेगा।
बिना फ्रिज बिकती मिली थी वैक्सीन ः बिना फ्रिज के जीवन रक्षक वैक्सीन बेच रही मदन फार्मा दुकान के संचालन के खिलाफ हुई कार्रवाई में दो सप्ताह के लिए ड्रग लाइसेंस निलंबित करते हुए उक्त समयावधि में सभी तरह की दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं जीवन रक्षक वैक्सीन बेचने के लिए जरूरी कोल्ड चेन को बनाए रखने की अनिवार्यता की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए उक्त दुकान पर आजीवन किसी भी तरह की वैक्सीन व इंसुलिन इत्यादि बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ड्रग लाइसेंस की निलंबन अवधि खत्म होने के बाद उक्त दवा दुकान से कोई भी ऐसी वैक्सीन, दवा अथवा इंसुलिन नहीं बेची जा सकेगी, जिसे बेचने के लिए कोल्ड चेन बनाए रखने की अनिवार्यता होती है। इसके साथ ही फ्रिज की खराबी के कारण वैक्सीन की कोल्ड चेन बनाए रखने की अनदेखी के आरोप में मारुति फार्मा का ड्रग लाइसेंस एक सप्ताह के लिए निलंबित किया गया है। लाइसेंस निलंबन की उक्त अवधि में दुकान से किसी भी तरह की दवा इत्यादि की बिक्री नहीं होगी।
बची दुकानों पर भी जल्द कार्रवाई ः औषधि निरीक्षक ने बताया कि ड्रग कंट्रोलर स्तर से उक्त दो दवा दुकानों पर कार्रवाई करने के साथ ही दवा बेचने में गड़बड़ी बरतने वाली अन्य दुकानों को जारी नोटिस के जवाब की समीक्षा की जा रही है। इसके आधार पर ही राम मेडिसिन, सौरभ एजेंसी, शिवा एजेंसी, निखिल फार्मा, सनी एजेंसी, जयश्री फार्मा व राकेश फार्मा सहित मैसर्स शांति मेडिकोज और श्रीहरि कृष्ण फार्मा पर कार्रवाई तय होगी।
दवा खरीद की रसीद जरूर लें ः जल्दबाजी के कारण खरीदार अक्सर दुकान से दवा की रसीद नहीं लेते। औषधि निरीक्षक संजय ने बताया कि किसी भी फुटकर दुकान से खरीदी गई दवा में अगर गड़बड़ी उजागर होती है तो बिक्री की यही रसीद कार्रवाई का सबसे पुख्ता व अचूक हथियार बनती है। इस रसीद में दुकानदार द्वारा बेची गई दवा के बैच नंबर के साथ उसकी एक्सपायर्ड अवधि का स्पष्ट उल्लेख होता है। इसके अभाव में खरीदी गई दवा में गड़बड़ी अथवा उपयोग करने पर इसके प्रभावहीन की शिकायत पर कोई कार्रवाई करना संभव नहीं हो पाता।