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अंग्रेजी मीडियम स्कूल के बच्चे गाएंगे आल्हा

Thu, 04 Apr 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। ‘खट खट खट खट तेगा बाजै बोलै छपक छपक तलवार...’, ‘मंजीरे, पिपिहिरी, ढोलक और दंडताल के साथ लपलपाती तलवार...’ आल्हा के गायन का ये रंग राजधानी के अंग्रेजी मीडियम में पढ़ने वाले 150 बच्चों पर बखूबी चढ़ चुका है। सेंट्रल अकादमी स्कूल के सभी बच्चे एक साथ 5 अप्रैल को मंच पर सामूहिक प्रस्तुतियों में आल्हा को मंच से सीधे लोगों के दिलों में उतारेंगे। आयोजन सांस्कृतिक संस्था सोनचिरैया की ओर से ‘बासंती चैती बयार’ के तहत शुक्रवार को गोमतीनगर के संगीत नाटक अकादमी में शाम से होगा। तमाम संस्कृतियों की लोक प्रस्तुतियां और लगभग पौने तीन सौ कलाकार एक साथ मंच साझा करेंगे।
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सोनचिरैया की सचिव मालिनी अवस्थी ने बुधवार को संगीत नाटक अकादमी सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 150 स्कूली बच्चों की ‘आल्हा’ पर प्रस्तुति के बाद यहां 45 गृहिणियों का दल होरी-चैती पर प्रस्तुति देगा। शाम को यादगार बनाने के लिए थारू जनजातीय लोकनृत्य होरी और झिंझी के अलावा बुंदेलखंड से आए कलाकार राई नृत्य और इसुरी के फाग, निर्गुण से धूम मचाएंगे। उन्होंने बताया कि दो घंटे से अधिक अवधि के इस आयोजन का आकर्षण ब्रज से आए कलाकारों का दल पहली बार ‘दाऊजी की आरती’, ‘कपड़ा फाड़ होली’ समेत तमाम होली आयोजनों से चुराएंगे। अकादमी के खुले मंच में होने वाले आयोजन के मुख्य अतिथि राज्यपाल बीएल जोशी होंगे। बुंदेलखंड, मथुरा, तराई, मप्र से आए कलाकारों के साथ स्कूली बच्चों और गृहणियों ने बुधवार को भी पूरा दिन रिहर्सल किया।
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सोनचिरैया के आकर्षण
- पचरा, फगुुआ और बिरहा।
- 150 स्कूली छात्रों की सामूहिक आल्हा प्रस्तुति।
- 45 से अधिक गृहणियों के द्वारा होरी और चैती पर रंगारंग प्रस्तुति।
- होरी और झिंझी पर थारू जनजाति लोकनृत्य।
- ब्रज के रंगों में दाऊजी की आरती, ब्रज की होली, कपड़ा फाड़ होली और मिट्टी की होली।
- बुंदेलखंडी राई नृत्य, इसुरी के फाग और निर्गुण प्रस्तुतियां।
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