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बाप-बेटे के खाते से साढ़े 4 लाख के शेयर हड़पे

Wed, 03 Apr 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। हजरतगंज की नेटवर्थ स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड शेयर कंपनी का एक और घोटाला उजागर हुआ है। आईआईएम के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को 16 लाख रुपए का चूना लगा चुके शेयर कंपनी के अधिकारियों ने एक पिता-पुत्र के संयुक्त खाते से साढ़े चार लाख रुपए के शेयर हड़प लिए। खास बात यह है कि बुजुर्ग की मौत के दो साल बाद उसके फर्जी दस्तखत बनाकर यह हेराफेरी की गई। शेयर कंपनी के खिलाफ दर्ज एफआईआर में यह मामला जोड़कर तहकीकात शुरू की गई है।
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पुलिस के मुताबिक, ठाकुरगंज के मोहल्ला नगरिया निवासी मोहम्मद खालिदुज्जमां अब्बासी ने नेटवर्थ स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड के शाखा प्रबंधक सौरभ अग्रवाल, संदीप नैय्यर, बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर वेदप्रकाश शर्मा और विभव, मुंबई स्थित मुख्य कार्यालय के चीफ एग्जीक्यूटिव अफसर मनीष अजमेरा, लीगल हेड ऋषिकेश पारिख, जयप्रकाश तिवारी, दीपक पाटिल आदि के खिलाफ तहरीर दी है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के अधिकारियों ने उसके पिता शफीकुज्जमां अब्बासी व भाई मोहम्मद वामिक के संयुक्त खाते से साढ़े चार लाख रुपए के शेयर सुभाष चंद्रा नामक व्यक्ति के खाते में स्थानांतरित करके रकम हड़प ली। खालिदुज्जमां का कहना है कि गन्ना विभाग से रिटायर उनके पिता ने नेटवर्थ शेयर कंपनी में डीमेट अकाउंट खुलवाया था। इसमें मोहम्मद वामिक सहखातेदार था। दोनों ने विभिन्न कंपनियों के शेयर लिए थे। 28 अक्तूबर 10 को पिता की मौत के बाद वामिक ने सारे शेयर 12 जनवरी 11 को अपने खाते में स्थानांतरित करा लिए। शेयर में उछाल का इंतजार कर रहे वाकिफ ने एक फरवरी 13 को अपने बड़े भाई खालिदुज्जमां को जानकारी करने भेजा। पता चला कि उसके खाते में सिर्फ आठ सौ रुपए शेष हैं। सारे शेयर सुभाष चंद्रा के खाते में स्थानांतरित किए जा चुके हैं।
सुभाष चंद्रा भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हैं। उन्होंने एक महीने पहले नेटवर्थ स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड के अधिकारियों, गोमतीनगर स्थित करूर व्यास बैंक के शाखा प्रबंधक मनीष खंडेलवाल और चेयरमैन कट्टा प्रदुंब कुमार पर 16 लाख रुपए के शेयर हड़पने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शेयर कंपनी के अधिकारियों ने करूर व्यास बैंक के अधिकारियों से साठगांठ करके सुभाष चंद्रा के नाम का खाता खोलकर रकम हड़पी थी। पुलिस का कहना है कि जालसाजों ने शफीकुज्जमां व उनके बेटे वामिक के शेयर पहले सुभाष चंद्रा के खाते में स्थानांतरित किए फिर इस फर्जी खाते से रकम निकाल ली।
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