लखनऊ। जमीन पर कब्जे से परेशान होकर आत्मदाह करने वाले बुजुर्ग नौमीलाल के परिजनों को अंसल एपीआई प्रबंधन 15 लाख रुपए की सहायता देगा। नौमीलाल की जमीन भी अवैध कब्जे से मुक्त कराई जाएगी। नौमीलाल आत्महत्या प्रकरण में दर्ज मामले की विवेचना सीबीसीआईडी से कराने की की सिफारिश की जाएगी। इसके साथ अन्य मांगों पर 20 अप्रैल तक कार्रवाई होगी। यह आश्वासन मंगलवार शाम को जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भाकियू व किसानों के साथ हुए लिखित समझौते में दिया। इसी के साथ भाकियू ने पिछले बृहस्पतिवार से अंसल एपीआई दफ्तर पर चल रहा अपना धरना-प्रदर्शन स्थगित कर दिया।
गोसाईगंज इलाके में महमूदपुर घुसवल निवासी नौमीलाल की मौत के बाद भाकियू की अगुवाई में परिजनों व किसानों ने घेराव-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। वह नौमीलाल के परिजनों को 20 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने, जमीन को कंपनी के कब्जे से मुक्त कराने और आत्महत्या प्रकरण में नामजद अंसल एपीआई अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। घेराव प्रदर्शन के पांचवें दिन सोमवार को प्रशासन केअधिकारियों ने वार्ता की पहल की जो सफल नहीं हुई। मंगलवार को भाकियू पदाधिकारियों के साथ दो बार हुई वार्ता में शाम को समझौते की सहमति बनी। नौमीलाल के परिजनों को अंसल एपीआई की तरफ से 15 लाख रुपए मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भाकियू पदाधिकारी राजी हो गए। भाकियू की मांग पर प्रशासन ने आत्महत्या प्रकरण में दर्ज मामले की सीबीसीआईडी से जांच कराने सिफारिश करने का भरोसा दिया है। इसके साथ एडीएम ने अन्य मांगों के संबंध में 20 अप्रैल तक कार्रवाई कराने का लिखित आश्वासन दिया है। अन्य मांगों में अंसल एपीआई परियोजना के दायरे में आए गांवों में विकास कराने, जमीन के बदले किसानों के भुगतान में अनियमितताओं की जांच, बेघर किसानों को भूमि उपलब्ध कराना आदि शामिल है। इस समझौते के बाद भाकियू ने छह दिन से चला आ रहा घेराव व प्रदर्शन स्थगित कर दिया। भाकियू जिलाध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा के मुताबिक 20 अप्रैल तक मांगों पर कार्रवाई न हुई तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। हरिनाम के मुताबिक समझौते के तहत नौमीलाल की पत्नी व चार बच्चों के नाम दो-दो लाख रुपए की एफडी होगी और पांच लाख रुपए परिवार के गुजर बसर के लिए नगद दिए जाएंगे। एडीएम (प्रशासन) देवेंद्र कुमार पांडेय के मुताबिक भाकियू पदाधिकारियों के साथ हुए समझौते के तहत अंसल एपीआई की तरफ से एक-दो दिन में नौमीलाल के परिजनों को 15 लाख रुपए की धनराशि का भुगतान कर दिया जाएगा। अंसल एपीआई से जुड़ी अन्य मांगों पर कार्रवाई के लिए कंपनी प्रबंधन को सूचित कर दिया गया है।