लखनऊ। बॉलीवुड की फिल्म की कहानी पर स्टार का फेम बहुत बार हावी होता है लेकिन अब ऐसी भी फिल्में बन रही हैं जिसमें स्क्रिप्ट ही स्टार है। ‘कहानी’ को इस श्रेणी में रखा जा सकता है। ये बात ‘जिस्म’, ‘गैंगेस्टर’, ‘रेडी’, ‘बॉडीगार्ड’, ‘एजेंट विनोद’, ‘एक था टाइगर’ और ‘बर्फी’ सहित लगभग दो दर्जन फिल्मों के लिए गीत लिख चुके गीतकार और लेखक नीलेश मिश्र ने कही। उनका कहना है कि बॉलीवुड के कदम वास्तविक सिनेमा की ओर बढ़े हैं लेकिन पर्दे पर सच को हूबहू दिखाने का साहस अभी यहां दूर की कौड़ी ही है। अमेरिका-इराक युद्ध पर बनी हॉलीवुड की ‘द हर्ट लॉकर’ जैसी फिल्में फिलहाल बॉलीवुड के लिए सपने सरीखी ही हैं।
नीलेश मंगलवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग में छात्र-छात्राओं के साथ संवाद कर रहे थे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में भी सिनेमा का ट्रेंड बदला है। फिल्मकार रोमांस आधारित परंपरागत फिल्मों से हट रहे हैं। ‘कहानी’, ‘बर्फी’ जैसी फिल्में इसका उदाहरण हैं। खास बात ये है कि इन फिल्मों ने बिजनेस भी अच्छा किया है। इससे साफ है कि दर्शक लीक से हटकर सिनेमा देखना चाहते हैं। नीलेश ने साथ में यह भी जोड़ा कि इस बदलाव के बाद भी बॉक्स ऑफिस का नजरिया आज भी फिल्मों का रुख तय कर रहा है। वास्तविक सिनेमा के लिए बॉलीवुड को अभी और बहादुर होने की जरूरत है। सिनेमा में गांवों की अनुपस्थिति के बाबत नीलेश ने कहा कि गांव का दर्शक भी अब फिल्मों के महंगे टिकट खरीदने में सक्षम है। ऐसे में जिस दिन थियेटरों का रुख गांवों की तरफ होगा उस दिन उनकी कहानी भी पर्दे पर प्रमुखता से उभरेगी। आने वाली फिल्म ‘चश्म-ए-बद्दूर’ में भी नीलेश ने गीत लिखे हैं। इसके साथ ही यशराज बैनर और कुछ और बड़े निर्माताओं के लिए भी नीलेश स्क्रिप्ट लिखने में व्यस्त हैं। उनका कहना है कि अब उनकी कोशिश उन्हीं फिल्मों के लिए गीत लिखने की होगी जिसके लिए वह स्क्रिप्ट लिख रहे हैं। इससे पहले नीलेश ने छात्र-छात्राओं के साथ पत्रकारिता, रेडियो, कहानी और फिल्म लेखन के अपने अनुभव साझा किए।