लखनऊ। श्रम न्यायालय के आदेश का पालन न करने पर कोर्ट में दाखिल परिवाद में हाजिर न होने पर राम मनोहर लोहिया के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। सीजेएम राजेश उपाध्याय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 मार्च की तारीख तय की है।
पत्रावली के अनुसार उप श्रमायुक्त सरजू राम ने कोर्ट को बताया कि श्रम न्यायालय के पीठासीन अधिकारी ने 20 जनवरी 2010 को अस्पताल के श्रमिक मुन्ना प्रसाद सैनी के मामले की सुनवाई की थी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन को मुन्ना प्रसाद को 18 जून 2005 से बहाल करने व क्षतिपूर्ति के रूप में 20 हजार रुपये देने का आदेश दिया था। इस आदेश का पालन 30 दिन के भीतर करने के निर्देश दिए गए थे। निर्देशों का पालन न करने पर अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी की गई थी। बताया गया कि श्रम न्यायालय के आदेश का पालन न होने पर जिलाधिकारी से अनुमति लेकर कोर्ट में परिवाद दाखिल किया गया। कोर्ट में उपस्थित न होने पर सीजेएम ने सीएमएस के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।