फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फरियादी परेशान, तहसील दिवस में नहीं मिला समाधान

Wed, 06 Mar 2013 05:30 AM IST
Lucknow
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। पैतृक संपत्ति बंटवारे की अर्जी लिए कई दिन से तहसील के चक्कर लगा रहे बंथरा निवासी धीर सिंह की समस्या का समाधान मंगलवार को तहसील दिवस में भी नहीं हो पाया। जमीन से अवैध कब्जा हटवाने की कार्रवाई के लिए आए खुर्रमपुर के प्रधान राम विलास व कई ग्रामीणों को भी निराशा हाथ लगी। इस तरह राजधानी की तहसीलों से मंगलवार को सैकड़ों लोग निराश लौटे। लेखपाल व दूसरे राजस्व कर्मियों के बहिष्कार के चलते तहसील दिवस में राजस्व संबंधी किसी भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। जनपद की चारों तहसीलों में मंगलवार को काफी संख्या में लोग फरियाद लेकर पहुंचे लेकिन उन्हें मिला सिर्फ आश्वासन। तहसीलों में आई 460 शिकायतों में केवल सात का मौके पर निस्तारण हुआ। बाकी को कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया। सबसे ज्यादा फरियाद मोहनलालगंज तहसील पहुंचे जहां संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को बुलाया गया था। वहां एडीएम (आपूर्ति) एसकेएस यादव की अगुवाई में हुई तहसील दिवस में 179 फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे लेकिन इनमें से केवल दो का निस्तारण हुआ। सदर तहसील में आई 76 शिकायतों में केवल तीन निस्तारित हुईं। मलिहाबाद तहसील में आए 75 मामलों में एक और बीकेटी तहसील दिवस में दर्ज हुई 130 शिकायतों में एक का निस्तारण हुआ। लेखपालों के तहसील दिवस बहिष्कार का असर इसलिए भी ज्यादा पड़ा क्योंकि चारों तहसीलों में सबसे ज्यादा 233 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित थी। उनमें ज्यादातर के निस्तारण के लिए मौके की स्थिति की जानकारी आवश्यक थी जो लेखपाल ही बता सकते थे। गौरतलब हो कि हफ्ते भर से सदर तहसील नहीं जा रहे लेखपालों ने जनपद भर में तहसील दिवस के बहिष्कार का निर्णय लिया था।
विज्ञापन

डीएम के न पहुंचने से लोग निराश ः डीएम अनुराग यादव को मोहनलालगंज के तहसील दिवस में पहुंचना था लेकिन व्यस्तता के चलते वे वहां नहीं पहुंचे। उनके वहां न आने से फरियादियों को काफी निराशा हुई क्याेंकि डीएम के आने की सूचना के चलते ही मोहनलालगंज में सर्वाधिक 179 फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। दूसरी ओर बीकेटी के तहसील दिवस में राजस्व परिषद के सदस्य भाष्कर उपाध्याय पहुंचे।
मुख्यालय से 25 किमी दूर नहीं पहुंची बिजली ः गांवों में विद्युतीकरण सुनिश्चित कराने वाले अधिकारियों को तहसील दिवस में शीतलखेड़ा व राजाखेड़ा के ग्रामीणों ने आइना दिखाया। राजधानी से मात्र 25 किमी दूर मोहनलालगंज कस्बे से सटे उक्त दोनों गांव में अभी तक बिजली नहीं पहुंची। ग्रामीणों के मुताबिक वर्षों पहले खंभे लाए गए थे लेकिन वह भी गायब हो गए।
विज्ञापन

बेटी की तलाश में फफक कर रोया पिता ः मोहनलालगंज के गौरा गांव से गत 28 फरवरी को कथित तौर पर अगवा 17 वर्षीय पुत्री की तलाश में भटक रहा सुंदरलाल मंगलवार को तहसील दिवस में अफसरों से फरियाद करते फफक कर रो पड़े। सुंदर लाल के मुताबिक उनकी बेटी को गांव के ही लोगों ने अगवा कर लिया, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट तक नहीं लिखी। इस पर सीओ मोहनलालगंज जेपी द्विवेदी ने सुंदरलाल को शांत कराया और कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
समाधान मिला नहीं जेब भी कट गई ः मोहनलालगंज में तहसील दिवस में गांव के खंड़जे पर अतिक्रमण की शिकायत लेकर आए मरुई निवासी शीतला दीन पाल को समाधान तो नहीं मिला लेकिन आर्थिक चोट लग गई। भीड़ में अफसरों तक अर्जी पहुंचाने के दौरान शीतला की जेब कट गई जिसमें 1100 सौ रुपए थे।

कोर्ट व कमिश्नर दफ्तर में नहीं हुआ कार्य ः लेखपालों के बहिष्कार का असर तहसील दिवस पर पड़ा तो वकीलों के बहिष्कार के चलते जिला एवं सत्र न्यायालय की कोर्टों और कमिश्नर दफ्तर में मुकदमों की सुनवाई प्रभावित रही। कमिश्नर दफ्तर की कोर्टों में राजधानी सहित मंडल के अन्य जनपदों के राजस्व मामलों के मुकदमे की कार्रवाई होती है। वकीलों के बहिष्कार के चलते हरदोई, सीतापुर, रायबरेली से मुकदमों की पैरवी में आए लोगों को निराश लौटना पड़ा। यही स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय में भी वकील के बहिष्कार के चलते काम नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें