लखनऊ। दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बाद खुले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, डाकघरों व बीएसएनएल उपभोक्ता सेवा केंद्रों पर शुक्रवार को काफी भीड़ रही। बैंक खुलने के आधे घंटे पहले ही गेट पर कारोबारियों से लेकर आम लोगों की लाइन लग गई। सबसे ज्यादा मारामारी पीएनबी के क्लीरिंग हाउस में पेंडिंग चेकों के समाशोधन को लेकर रही। यहां सुबह दस बजे से शुरू हुआ समाशोधन का काम दो शिफ्टों में चला। इस दौरान 85 हजार से अधिक की संख्या में चेकों का समाशोधन कर उनका निपटारा हुआ। सामान्य दिनों में माइकर हाउस में 40 से 50 हजार की संख्या में ही चेकों का समाशोधन होता है। बैंक अधिकारियों ने दो दिन की हड़ताल के कारण क्लीयरेंस में फंसे सभी चेकों का निस्तारण शनिवार तक पूरा हो जाने का भरोसा जताया है। उधर, डाकघरों में रजिस्ट्री व स्पीड पोस्ट कराने वालों की भीड़ से भी परेशानी हुई, जबकि बीएसएनएल के उपभोक्ता सेवा केंद्रों पर पोस्टपेड, बेसिक फोन के साथ ब्रॉडबैंड कनेक्शनों के बिल जमा करने वालों की लंबी लाइन लगी रही। दो दिवसीय हड़ताल के बाद शुक्रवार सुबह दस बजे के पहले से ही राजधानी स्थित अधिकांश बैंकों में भीड़ जमा होने लगी। बैंकों का ताला खुलते ही पैसा जमा कराने से लेकर पैसा निकालने, ड्राफ्ट बनवाने, पासबुक इंट्री कराने, पेंशन लेने और विदेशी मुद्रा एक्सचेंज के काउंटरों पर ग्राहकों की लंबी लाइन लग गई, जो दोपहर बाद बैंक बंद होने तक बराबर बनी रही। ग्राहकों से लेकर बैंक कर्मी तक सभी सारा दिन हलकान रहे। बैंक अधिकारियों ने 23 सार्वजनिक बैंकों की 350 शाखाओं में शुक्रवार को चार हजार करोड़ के पार बैंकिंग कारोबार होने की उम्मीद जताई है। इसके तहत वित्तीय लेन-देन के साथ रीयल टाइम ग्रॉस टाइम सेटलमेंट सेवा, विदेशी मुद्रा की खरीद-फरोख्त, बैंक ड्राफ्ट बनवाने के साथ अन्य वित्तीय कामकाज शामिल रहे। दो दिन के कारोबार का पैसा जमा कराने बैंक पहुंचे कारोबारियों व उनके स्टाफ को काउंटरों पर लगी लंबी लाइन की वजह से खासी सतर्कता व सावधानी बरतनी पड़ी।
डिपो से सप्लाई शुरू होने से राहत ः हड़ताल के कारण बीते दो दिनों से तेल कंपनियों के डिपो से पंप डीलरों व गैस एजेंसियों को बंद पड़ी सप्लाई शुक्रवार सुबह से दोबारा शुरू हो गई। इससे पेट्रोल व डीजल से खाली हो चुके कई पंप संचालकों के साथ उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली। वहीं यूपी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर फेडरेशन ने भी अमौसी स्थित प्लांट से भरे सिलेंडरों की सप्लाई गैस एजेंसियों पर पहुंचने की बात स्वीकारते हुए होम डिलीवरी के अगले 48 घंटे में पटरी पर आने की उम्मीद जताई है।