लखनऊ। केजीएमयू इस बार ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में तैनात जूनियर डॉक्टर और लैब टेक्नीशियन के कारनामे से चर्चा में है। मरीज की रिपोर्ट को लेकर जूनियर डॉक्टर ने शनिवार को लैब टेक्नीशियन को डांटा। इसे लेकर शुरू हुई कहासुनी हाथापाई तक पहुंच गई। बीच-बचाव के बाद मामला तो शांत हो गया, लेकिन टेक्नीशियन ने इसकी शिकायत ट्रॉमा सेंटर प्रशासन से कर दी। जानकारी होने पर रविवार को जूनियर डॉक्टर ने फिर से टेक्नीशियन को फटकारा। इससे कर्मचारी भड़क उठे और कामकाज ठप कर दिया। पूरी जानकारी के लिए दोनों पक्षों को सोमवार को तलब किया गया है।
ट्रॉमा सेंटर के मेडिसिन आईसीयू में तैनात जूनियर डॉक्टर समीर और लैब टेक्नीशियन मो. फहीम अंसारी में झगड़े की शुरुआत शनिवार शाम करीब पांच बजे हुई थी। डॉ. समीर ने फहीम से किसी मरीज की रिपोर्ट मांगी थी। कई बार कहने के बावजूद फहीम के ध्यान न देने पर डॉ. समीर ने उसे कड़ी फटकार लगाई। यह बात फहीम को नागवार गुजरी, इसे लेकर शुरू हुई कहासुनी मारपीट तक पहुंच गई। आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करा किसी तरह मामला शांत कराया। बताया जा रहा है कि फहीम ने इस मामले में ट्रॉमा सेंटर प्रशासन से लिखित शिकायत की है। इसकी जानकारी पर रविवार को डॉ. समीर की फहीम से फिर से कहासुनी हो गई। विरोध में ट्रॉमा सेंटर के कर्मचारियों ने कई घंटे कार्य भी ठप रखा। जानकारी होने पर ट्रॉमा सेंटर प्रशासन ने किसी तरह काम शुरू कराया। इसके साथ ही दोनों पक्षों के सोमवार को अपना-अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। जांच के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीएमएस प्रो. एसएन शंखवार का कहना है कि फहीम ने विभागीय कार्य में लापरवाही की है। जबकि जूनियर डॉक्टर ने शिकायत न कर झगड़ा किया है। सोमवार को दोनों से पूछताछ की जाएगी। इसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। उधर, डॉ.समीर पर शनिवार को गांधी वार्ड में भी एक मरीज सर्वेंदु त्रिपाठी से भी झगड़ा करने का आरोप लगाया गया है।