लखनऊ। यूपी बोर्ड से संबद्ध सभी विद्यालय प्रबंधनों को नेशनल बिल्डिंग कोड में निर्धारित मानकों को पूरा करना होगा। केवल इतना ही नहीं, विद्यालय को मौजूदा स्थिति के संबंध में प्रबंधन को जल्द से जल्द नोडल सेंटर पर सूचना उपलब्ध करानी होगी। सभी विद्यालय प्रबंधकों को आगामी सत्र की शुरुआत तक सभी अधूरे मानकों को पूरा करके रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश त्रिपाठी ने शुक्रवार को राजधानी के छह नोडल सेंटर पर आयोजित बैठक में निर्देश जारी किए। प्रधानाचार्यों की बैठक के दूसरे दिन क्वींस इंटर कॉलेज, पायनियर इंटर कॉलेज समेत कुल छह नोडल सेंटरों पर डीआईओएस ने विद्यालय प्रधानाचार्यों से मुलाकात कर परिसर में अग्निशमन, ऊर्जा संरक्षण समेत अन्य व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। डीआईओएस ने स्ववित्त पोषित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को प्रैक्टिकल कराने में लापरवाही बरतने के लिए फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सभी वित्तविहीन विद्यालय वर्ग मान्यता के आधार पर संसाधन जुटा लें। अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रधानाचार्यों की अंतिम बैठक का आयोजन शनिवार को राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में किया जाएगा। डीआईओएस उमेश त्रिपाठी ने बताया छात्रवृत्ति की सूचनाएं उपलब्ध न कराने वाले विद्यालयों को एक और मौका दिया जाएगा। वह शनिवार को जुबिली में आकर इन्हें दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद भी सूचना मुहैया न कराने वाले विद्यालय संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
30 तक भुना लें चेक ः डीआईओएस ने कन्या विद्यालय धन योजना में प्राप्त सभी चेक को 30 जनवरी तक भुनाने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि इस अवधि के बाद यह चेक मान्य नहीं होंगे। साथ ही, सभी विद्यालयों को जल्द से जल्द पात्र छात्राओं को चेक उपलब्ध कराने को भी कहा गया है। उन्होंने बताया कि शासन की ओर से बचे हुए सभी पात्र आवेदकों की सूचनाएं मांगी गई हैं। बैठक के दौैरान शिक्षा विभाग के सिटीजन चार्टर को दुरुस्त करके जल्द से जल्द लागू करने का भी आश्वासन दिया गया।