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जाको राखे साइयां मार सके न कोई

Mon, 14 Jan 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। ‘जाको राखे साइयां मार सके न कोई ’ यह कहावत रविवार को लखनऊरेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार पर चरितार्थ हुई। यहां तीन वर्षीय मासूम छुट्टू अपनी मां की गोद से छिटककर ट्रैक पर आ गया। आधी ट्रेन उसके ऊपर से निकल गई, लेकिन बच्चे को खरोंच तक नहीं आई। जीआरपी सिपाहियों ने चेन पुलिंग करके ट्रेन रोकी और देखा तो बच्चा ट्रैक पर सुरक्षित था। मां ने अपने लाड़ले की सलामती के लिए ऊपर वाले का शुक्रिया अदा किया, वहीं सिपाहियों व आसपास मौजूद लोगों ने इसे कुदरत का करिश्मा करार दिया।
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मालदा टाउन निवासी बिटाना रविवार दोपहर अपने पति और मासूम बच्चे के साथ बरेली जाने के लिए स्टेशन पहुंची थी। यहां प्लेटफॉर्म चार पर त्रिवेणी एक्सप्रेस के आते ही सैकड़ाें यात्रियों की भीड़ कोच में चढ़ने लगी। गोद में बच्चा होने के कारण बिटाना कोच के गेट पर भीड़ कम होने का इंतजार करने लगी। इसी दौरान ट्रेन चल दी। बिटाना ने कोच में चढ़ना चाहा लेकिन पीछे से आ रहे अन्य यात्रियों का धक्का लगते ही बच्चा उसकी गोद से छिटककर ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच में खाली स्थान से होता हुआ ट्रैक पर चला गया। यह देख बिटाना के होश उड़ गए। उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। वहां खड़े लोग अवाक् रह गए। महिला का शोर सुनकर प्लेटफॉर्म पर खड़े जीआरपी सिपाही राजकुमार यादव व अनिल ने ट्रेन में चढ़कर चेन खींच दी। जब तक ट्रेन रुकी तब तक मासूम के ऊपर से 9-10 दस कोच निकल चुके थे। सिपाहियों ने ट्रैक से बच्चे को उठाया तो वह पूरी तरह सलामत था। अपने बेटे के सुरक्षित मिलने पर बिटाना ने ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करते हुए सिपाहियों को धन्यवाद दिया और त्रिवेणी एक्सप्रेस से बरेली के लिए रवाना हो गई।
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