लखनऊ। पत्रकारपुरम चौराहे के पास कार में शराब पी रहे युवक व उसके ड्राइवर ने पुलिस चौकी पर खासा हंगामा किया। पहले दोनों ने कांस्टेबल फिर दरोगा की पिटाई कर दी। बात बढ़ी तो युवक ने पीजीआई में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अपने पिता भरत सिंह को फोन कर दिया। थोड़ी ही देर में वह कई साथियों को लेकर पुलिस चौकी आ धमके। एसआई नीरज सिंह व कांस्टेबल अरुण को डंडे से पीटने के साथ चौकी में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस बीच, कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस बवाल कर रहे भरत सिंह, उसके भाई ज्ञानेश्वर सिंह, सुशील सिंह व साथी संजीव अग्रवाल को धरदबोचा, जबकि भरत सिंह का बेटा अपने ड्राइवर के साथ इनोवा से भाग निकला। पकड़े गए चारों लोगों को गोमतीनगर थाने ले जाकर पूछताछ की गई। ज्ञानेश्वर सिंह ने खुद को कृषि वैज्ञानिक, सुशील सिंह ने नेशनल फर्टिलाइजर में अधिकारी और संजीव अग्रवाल की पहचान निजी बीमा कंपनी में अधिकारी के रूप में हुई। यह चारों भी शराब के नशे में बताए गए हैं। भरत सिंह ने कहा कि उसके घर में नए साल का जश्न मनाया जा रहा था। इस बीच, बेटे ने फोन करके बताया कि दरोगा व सिपाही ने उसे पकड़ लिया है और पीट रहे हैं। इस पर वह अपने भाइयों व मेहमानों के साथ चौकी पर गया था।
थाने पर हंगामा : रसूखदारों के पकड़े जाने के थोड़ी देर बाद उनके परिवार के लोग गोमतीनगर थाने जा पहुंचे। वहां पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। वकील राजेश सिंह ने थाने पहुंचे सीओ को बताया कि पुलिस ने उनके बहनोई भरत सिंह को गलत पकड़ लिया है। इसी तरह संजीव अग्रवाल की पत्नी कविता अग्रवाल ने पति को बेगुनाह बताते हुए कहा कि संजीव पान खाने के लिए चौराहे पर गए थे। सीएमएस में टीचर कविता का कहना है कि चौकी में तोड़फोड़ होते देख संजीव भी वहां खड़े थे। पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। सीओ ने कहा कि जांच में दोषी नजर न आने पर संजीव को छोड़ दिया जाएगा।
संगीन धाराओं में एफआईआर : घायल सिपाही अरुण कुमार सिंह ने हमलावरों के खिलाफ संगीन धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने भरत सिंह, ज्ञानेश्वर व सुशील सिंह को गिरफ्तार करके उन्हें डॉक्टरी मुआयने के लिए अस्पताल भेजा है। घायल पुलिसकर्मियों का भी चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रहा है।
खुद को आईएएस का बेटा बताता है आरोपी : नीली बत्ती की इनोवा में फर्राटे भरने के साथ इलाके में दबदबा बनाए आरोपी खुद को आईईएस का बेटा बताता है, जबकि उसके पिता भरत सिंह पीजीआई में प्रशासनिक अधिकारी हैं। उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। नौकरी से पहले वह एक बाहुबली के संरक्षण में ठेकेदारी करते थे।