उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद शहर में हुए सनसनीखेज घटनाक्रम में सोमवार को चलती वैन से कूदकर दस कैदी फरार हो गए। कैदियों को दो जेल वैन (प्रिजन वैन) पर नैनी सेंट्रल जेल से पेशी के लिए कचहरी लाया जा रहा था।
लापरवाह पुलिसवालों ने एक वैन का ताला खुला छोड़ दिया था। साथ ही उस वैन पर कैदियों के साथ पीछे कोई पुलिसवाला भी नहीं बैठा था। शहर के बालसन चौराहे के पास खूंखार कैदियों को फरार होने का मौका मिल गया।
चलती वैन से पहले चार कैदी कूदे। भरे चौराहे वैन से कैदियों के कूदने से दहशत फैल गई। इसके बाद छह और कैदी वैन से कूद पड़े। वैन में महज चालक और एक सिपाही था।
वैन को सड़क किनारे रोका गया लेकिन दस कैदी फरार हो चुके थे। वैन में 42 कैदी और थे लेकिन वह खुद से नहीं भागे। दोपहर के पहले ही फैली इस सनसनी से पुलिस अफसरों के होश उड़ गए।
डीआईजी एन रविन्द्र, एसएसपी मोहित अग्रवाल समेत तमाम पुलिस अफसर मौके पर पहुंच गए। कचहरी लॉकअप में बंदियों का मिलान हुआ तो दस कैदियों के फरार होने की पुष्टि हो गई।
एसएसपी मोहित अग्रवाल ने लापरवाही बरतने वाले एक दरोगा और तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया। सभी पुलिसवालों और कैदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। क्राइम ब्रांच समेत कई टीमें दिन भर छापामारी करती रहीं। फरार हुए कैदियों में कई खूंखार अपराधी हैं। इसमें चार पर गैंगस्टर लगा है।