अक्तूबर 4, 1957 को सोवियत संघ ने दुनिया की पहली सैटेलाइट स्पूतनिक 1 को अंतरिक्ष में लॉन्च किया। यह मानवता के इतिहास में एक बहुत बड़ा कदम था। यहीं से अंतरिक्ष अन्वेषण के एक नए युग की शुरुआत हुई, तब से लेकर अब तक 68 साल गुजर चुके हैं और इन 68 सालों के इतिहास में स्पेस में खोजबीन करने के सिलसिले में कई अंतरिक्ष अभियान भेजे जा चुके हैं। इन मिशनों के जरिए न केवल हमने चांद, मंगल, शुक्र, शनि आदि ग्रहों को एक्सप्लोर किया है बल्कि पृथ्वी की कक्षाओं में हजारों सैटेलाइटों को भी लॉन्च किया।
इन्हीं सैटेलाइटों पर हमारा सूचना तंत्र निर्भर है। हालांकि, विभिन्न स्पेस मिशनों और हजारों की संख्या में सैटेलाइटों को लॉन्च करने की प्रक्रिया में हमने अंतरिक्ष को भी काफी प्रदूषित किया है। आज के समय पृथ्वी की कक्षा में हजारों की संख्या में निष्क्रिय उपग्रह, रॉकेट और अंतरिक्ष यानों के अवशेष मंडरा रहे हैं, जो कि काफी खतरनाक है।