वातावरण में कार्बन उत्सर्जन बढ़ने के कारण पृथ्वी के औसत तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। इसका सीधा असर जलवायु परिवर्तन पर देखने को मिल रहा है। वैश्विक ताप वृद्धि की वजह से ग्लेशियर पिघल रहे हैं, समुद्र के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है, जैव विविधता को नुकसान पहुंच रहा है, मौसम चक्र में परिवर्तन आदि कई प्राकृतिक समस्याएं देखने को मिल रही हैं। इन्हीं कारणों के चलते दुनियाभर के विभिन्न इलाकों में कहीं रिकॉर्ड गर्मी पड़ रही है, कहीं बाढ़ आ रही है तो कहीं ऐसी जगहों पर सूखा पड़ रहा है जहां लंबे समय से हरियाली थी। इसी बीच यूरोपियन यूनियन की क्लाइमेट मॉनिटरिंग सर्विस ने अपनी एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024 का अप्रैल महीना अब तक के रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा गर्म महीने के रूप में दर्ज किया गया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अप्रैल महीने का औसत तापमान 15.03 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।