पंजाब में 130 करोड़ रुपये की हेरोइन बरामदगी के मामले में बॉक्सर विजेंदर सिंह पर पुलिस का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। पुलिस ने इस मामले में एनआरआई अनूप सिंह काहलों, राम सिंह और विजेंदर के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकलवाई है।
इससे साफ हुआ है कि सिर्फ फरवरी माह में ही विजेंदर और अनूप सिंह के बीच करीब 12 बार बातचीत हुई है। इसके अलावा विजेंदर जीरकपुर स्थित कोठी पर अनूप सिंह से कई बार मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन इस बात को वह मानने के लिए तैयार नहीं हैं।
हरियाणा पुलिस की मौजूदगी में सोमवार को पंजाब पुलिस ने विजेंदर से पूछताछ के दौरान सवालों की झड़ी लगा दी। पुलिस का दावा है कि फरवरी माह में विजेंदर की अनूप से एक दर्जन से अधिक बार बातचीत हुई जबकि विजेंदर ने अपने पहले बयान में कहा था कि हो सकता है कि वह कभी अनूप से मिला हो लेकिन वह उसका दोस्त नहीं है।
तीनों की कॉल डिटेल के मुताबिक जिस समय अनूप और विजेंदर की बात हुई है उसके कुछ समय पहले या बाद में अनूप और राम सिंह की लंबी बातचीत हुई है, इससे विजेंदर पर पुलिस का शक बढ़ गया है। पूछताछ के दौरान विजेंदर ने पुलिस अधिकारियों को यकीन दिलाने की कोशिश की है कि वह ड्रग्स नहीं लेता और न ही अनूप सिंह के ड्रग्स नेटवर्क के बारे में उसे जानकारी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के बाद पुलिस ने विजेंदर को बयान पर दस्तखत करने के लिए कहा लेकिन उसने दस्तखत करने से यह कहकर इनकार कर दिया कि यह बयान पंजाबी में लिखे हैं और उसे पंजाबी नहीं आती।
भोला के खिलाफ जारी होगा लुक आउट नोटिस
हेरोइन तस्कर एनआरआई अनूप सिंह के बेहद नजदीकी जगदीश भोला की तलाश में अब तक की छापामारी में पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली है। पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार आधा दर्जन लोगों से पूछताछ के बाद भोला के संभावित ठिकानों पर छापामारी की लेकिन वह पुलिस से ज्यादा शातिर निकला।
इसे देखते हुए पंजाब पुलिस जगदीश भोला के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी करवाने की तैयारी में जुट गई है। पुलिस को अंदेशा है कि अनूप सिंह का नेटवर्क मलेशिया और हालैंड तक फैला है। पुलिस को आशंका है कि भोला मौका पाकर चुपचाप विदेश न भाग जाए। भोला के विदेश भागने की संभावनाओं को ध्यान में रखकर पंजाब पुलिस की एक टीम नेपाल से लगते उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिले गोरखपुर और बहराइच भी भेजी गई है।
'ड्रग्स तस्करों का नेटवर्क तोड़ने पर है जोर'
डीआईजी लुधियाना रेंज एमएफ फारुखी ने कहा कि विजेंदर से जब जरूरत होगी पूछताछ की जा सकती है लेकिन पुलिस का पूरा जोर ड्रग्स तस्करों के नेटवर्क का पता लगाने और इसमें लिप्त लोगों को गिरफ्तार करने पर लगा है।