इस गणतंत्र दिवस पर जब राज्यों की पुलिस अपने जांबाज पुलिस कर्मियों को उनकी बहादुरी का इनाम देगी। वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस अपनी वादाखिलाफी के चलते एक बेशकीमती सिपाही को खो देगी। यूपी पुलिस की सबसे बड़ी खिलाड़ी कॉमनवेल्थ खेलों की रजत पदक विजेता और लंदन ओलंपियन वेटलिफ्टर सोनिया चानू अपनी मेहनत का फल नहीं मिलने पर इस राज्य का साथ छोड़ने जा रही हैं।
दिल्ली कॉमनवेल्थ खेलों में देश को पहला पदक दिलाने पर यूपी पुलिस ने उन्हें प्रोन्नति देने की घोषणा तो कर दी लेकिन अगले तीन सालों तक उसे अपने इस वायदे की याद नहीं आई। सोनिया के गृह राज्य मणिपुर ने मौका देख अपनी इस लिफ्टर डीएसपी का पद देकर वापस अपने घर बुला लिया है।
हालांकि सोनिया को मणिपुर पुलिस ने अपाइंटमेंट लेटर भी दे दिया है। लेकिन उन्होंने अब तक ज्वाइनिंग नहीं की है। दरअसल उनका दिल अब तक यूपी के साथ है। सोनिया कहती हैं कि आज वह जो कुछ भी हैं इस राज्य और यूपी पुलिस की बदौलत हैं। इसी के चलते उन्होंने अब तक ज्वाइनिंग नहीं की है। यूपी पुलिस की ओर से उनके इस्तीफे का भी जवाब नहीं दिया गया। वह अब तक इंतजार कर रही थीं लेकिन अब 26 जनवरी के बाद वह मणिपुर पुलिस के अपाइंटमेंट को स्वीकार ज्वाइनिंग कर लेंगी।
सोनिया ने 2001 में लखनऊ में सेंटर ऑफ एक्सिलेंस में तैयारियों के दौरान बतौर सब इंस्पेक्टर यूपी पुलिस में प्रवेश किया था। 2005 में उनकी अंतरराष्ट्रीय सफलताओं को देखते हुए उन्हें इंस्पेक्टर बना दिया गया। लेकिन जब उन्होंने कॉमनवेल्थ खेलों में पदक जीता तो उन्हें बतौर डीएसपी प्रोन्नत करने की घोषणा की गई।
सोनिया के मुताबिक जब उन्होंने लंदन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया तो उन्हें लगा विभाग अपने वादे को निभाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ओलंपिक के बाद उन्हें लंदन में खेलने के लिए 10 हजार रुपये दे दिए गए। लेकिन ओलंपिक में सातवां स्थान हासिल करने पर उनके गृह राज्य ने उन्हें डीएसपी पद पर ज्वाइनिंग का प्रस्ताव दिया। जिसे वह अब स्वीकार करने जा रही हैं।